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सरहद पार करने का सपना सच | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यह सिर्फ़ दक्षिण एशिया के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के इतिहास में एक बड़ा दिन था जब कश्मीर के दोनों तरफ़ के लोगों को आधी सदी से भी ज़्यादा समय के बाद सरहद पार करने का मौक़ा मिला. भारत और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के बीच चली बस के यात्री सरहद के पार ज़मीन को छूकर अभिभूत थे. दोनों तरफ़ से चली बसों के अपनी-अपनी मंज़िलों पर पहुँचने पर यात्रियों का ज़ोरदार स्वागत हुआ. इस पहल का संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने स्वागत करते हुए कहा कि श्रीनगर और मुज़फ़्फ़राबाद के बीच चली बस सेवा को शांति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक कहा है. भारत में अमरीका के राजदूत डेविड मलफ़र्ड ने कहा कि उनका देश भारत और पाकिस्तान का अपने मतभेद सुलझाने में पूरा समर्थन करेगा. सपना पूरा हुआ श्रीनगर से चली बस के यात्रियों ने भारतीय समय के अनुसार दोपहर बाद चार बजकर चालीस मिनट पर नियंत्रण रेखा पार की. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से चले यात्री पहले ही नियंत्रण रेखा पार करके भारत प्रशासित कश्मीर में दाख़िल हुए तो जैसे एक बड़ा सपना पूरा हुआ. मुज़फ़्फ़राबाद से चले यात्रियों ने चकोटी पहुँचने के बाद पैदल ही लालपुल पार किया और वहाँ से भारतीय बस में बैठकर श्रीनगर गए. नियंत्रण रेखा पर उनका स्वागत भारतीय सैनिकों ने किया, इन यात्रियों के साथ मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दृश्य बेहद भावुक था, ज्यादातर लोगों की आँखों में आँसू थे.
नियंत्रण रेखा पर जहाँ अब से दो वर्ष पहले तक गोलाबारी होती थी वहीं सैनिक बैंड यात्रियों के स्वागत मे खुशनुमा धुनें बजा रहे थे. श्रीनगर से भारतीय यात्रियों को लेकर चली बस भी कमान पोस्ट की ओर बढ़ रही है जहाँ से वे नियंत्रण रेखा पार करके मुज़फ़्फ़राबाद की ओर एक अन्य बस में बैठकर जाएँगे. श्रीनगर के शेरे कश्मीर स्टेडियम से मुज़फ़्फ़राबाद जाने वाली बस को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तय कार्यक्रम के अनुसार रवाना किया था. बस को रवाना करने से ठीक पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "अमन का कारवाँ चल पड़ा है और अब दुनिया की कोई ताक़त उसे रोक नहीं सकती." दोनों तरफ़ से उनके स्थानीय समय के अनुसार 11 बजे बसों को रवाना किया गया. पाकिस्तान स्टैंडर्ड टाइम भारत से आधा घंटे पीछे है इसलिए मुज़फ़्फ़राबाद वाली बस आधे घंटे बाद चली. श्रीनगर से बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन ने ख़बर दी कि बस के रवाना होने के बाद उसके ऊपर एक हथगोला फेंका गया लेकिन धमाका बस से थोड़ी दूर पर हुआ और बस को क्षति नहीं पहुँची. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के प्रधानमंत्री सरदार सिकंदर हयात ख़ान ने मुज़फ़्फ़राबाद से चली बस को रवाना किया था. 'कारवाँ-ए-अमन' इस समारोह में बस यात्रा को 'कारवाँ ए अमन' कहा जा रहा है, केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई मंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और प्रमुख राजनीतिक नेता शेरे कश्मीर स्टेडियम में मौजूद थे.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी भी बस यात्रियों को विदा करने के लिए स्टेडियम पहुँची. राज्य की सत्ताधारी पार्टी पीडीपी की नेता महबूबा मुफ़्ती ने इसे 'एक नई सुबह का आगाज़' बताया है और उम्मीद ज़ाहिर की है कि कश्मीर के दोनों हिस्सों के लोगों का आपस में संपर्क बना रहेगा. इस कार्यक्रम के लिए स्टेडियम में सुरक्षा की बहुत ही कड़ी व्यवस्था की गई थी, नेताओं के भाषण बुलेटप्रूफ़ मंच से हुए. बुधवार को इस बस के यात्रियों के ठहरने के स्थान पर हुए हमले के बाद से सुरक्षा और सख़्त कर दी गई थी. |
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