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जलगाँव में दूसरे दिन भी मारी गई मुर्गियाँ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के महाराष्ट्र प्रदेश में जलगाँव ज़िले में दूसरे दिन भी मुर्गियों के मारे जाने का काम जारी रहा. अधिकारियों के अनुसार अभी तक 65 हज़ार मुर्गियों को मारा जा चुका है. जलगाँव में अभी तक चार गाँवों से प्राप्त नमूनों में बर्ड फ़्लू के ख़तरनाक एच5 एन1 वायरस पाए जाने की पुष्टि की जा चुकी है. जलगाँव के ज़िला कमिश्नर विजय कुमार सिंघल ने बीबीसी को बताया कि उन चार गाँवों के 10 किलोमीटर के दायरे में मुर्गियों को मारे जाने का काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि 37 स्वास्थ्य दल गाँव-गाँव जाकर लोगों से मिल रहे हैं और ये देख रहे हैं कि वहाँ बर्ड फ़्लू का कोई लक्षण है कि नहीं. अधिकारी ने ये भी कहा कि 11 वर्ष के एक बच्चे को बुख़ार के बाद उसकी जाँच के लिए उसे भर्ती कराया गया है ताकि बर्ड फ़्लू होने के बारे में पुष्टि हो सके. पिछले महीने महाराष्ट्र में पहली बार बर्ड फ़्लू का कोई मामला सामने आया था. तब नवापुर ज़िले में मुर्गियों को बर्ड फ़्लू हुआ था जो जलगाँव के नज़दीक है. | इससे जुड़ी ख़बरें महाराष्ट्र में मुर्गियों को मारने का काम शुरू16 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस बर्ड फ्लू अफ़ग़ानिस्तान में भी फैला16 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस महाराष्ट्र में एच5 एन1 वायरस की पुष्टि15 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस महाराष्ट्र में बर्ड फ़्लू के नए मामले: पवार14 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस गुजरात में बर्ड फ़्लू संक्रमण का मामला25 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'मानव संक्रमण का अब तक मामला नहीं'23 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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