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छत्तीसगढ़ में अगवा पुलिसकर्मी रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
छत्तीसगढ़ राज्य के दंतेवाड़ा ज़िले में नक्सलवादियों ने जिन छह पुलिसकर्मियों का रविवार को अपहरण कर लिया था, उन्हें रिहा कर दिया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दो हेड कांस्टेबल और चार कांस्टेबल को रिहा कर दिया गया है. पुलिस के अनुसार रविवार को दोपहर क़रीब ग्यारह बजे नक्सलवादियों ने इन पुलिसकर्मियों को अगवा किया था. यह घटना तब हुई जब पुलिसकर्मी ज़िले में चिंतागुफ़ा और दोहरापाल नाम के स्थान के बीच यात्रा कर रहे थे. जानकारी के मुताबिक हथियारबंद नक्सलियों के एक जत्थे ने इस रास्ते पर एक यात्री बस को रुकवाया और उसमें सवार पुलिसकर्मियों को नीचे उतार लिया. हालांकि किसी संगठन ने इस घटना की ज़िम्मेदारी नहीं ली है पर राज्य का पुलिस महकमा इसके पीछे नक्सलवादियों को बता रहा है. घटना के बारे में पुलिस महानिरीक्षक एमडब्ल्यू अंसारी ने बताया कि यह माओवादी विद्रोहियों का ही काम है. ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में राज्य में माओवादी गतिविधियों में तेज़ी आई है. राज्य सरकार के मुताबिक पिछले एक वर्ष में नक्सली हिंसा में 147 लोगों की जानें जा चुकी हैं और ऐसी घटनाओं में सबसे ज़्यादा आदिवासी मारे गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें दंतेवाड़ा में नक्सली हमले, छह मरे06 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली पहुँचे विधायकों के दरवाज़े22 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली अभियान के ख़िलाफ़ शिकायतें17 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़वाहों से बंद हो जाते हैं शहर16 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस आंध्र में माओवादियों का ट्रेन पर हमला25 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस दोतरफ़ा कार्रवाई की ज़रूरत :कौशल20 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'नक्सलवाद के पीछे व्यवस्था की विफलता'23 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नक्सलियों को चुनाव लड़ने की चुनौती21 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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