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पुलिस ने अभियुक्तों के रेखाचित्र जारी किए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने वाराणसी विस्फोट के दो संदिग्ध अभियुक्तों के रेखाचित्र जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि मंगलवार को वाराणसी में हुए बम धमाकों के पीछे इनका हाथ था. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह ने कहा है कि रेखाचित्र जारी किए जाने के बाद अभी किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि कई प्रदेशों के पुलिसबलों के बीच इस मामले को लेकर सहयोग हो रहा है. पुलिस कह चुकी है कि उसे विस्फोट के पीछे लश्करे तैबा का हाथ होने का संदेह है. पुलिस अधीक्षक नवनीत सिकेरा का कहना है कि जाँच पड़ताल से पता चला है कि इस हादसे के पीछे चार से पाँच लोगों का हाथ रहा होगा. दुकानदार ने दिया विवरण पुलिस अधीक्षक ने दोपहर को एक पत्रकारवार्ता में दो संदिग्ध अभियुक्तों के रेखाचित्र जारी करते हुए कहा है कि ये दोनों गोदौलिया इलाक़े में दशाश्वमेध घाट के पास दुकानों में गए थे. उन्होंने एक दुकानदार के विवरण के आधार पर चित्रकार से ये रेखाचित्र बनवाए हैं. पुलिस का कहना था कि इस दुकानदार से अभियुक्तों का सीधा सामना हुआ था और उसने इन रेखाचित्रों को देखकर बताया है कि ये 90 प्रतिशत उनकी तरह ही दिख रहे हैं. हालांकि पुलिस ने दुकानदार की पहचान ज़ाहिर नहीं की है लेकिन उसके हवाले से कहा है, "दुकानदार का कहना है कि दोनों अच्छी हिंदी नहीं बोल पा रहे थे और शक्लसूरत-क़दकाठी में कश्मीरियों की तरह लग रहे थे." रेखाचित्र में दोनों युवा दिखाई देते हैं. संकट मोटन मंदिर में शादी के दौरान हुई वीडियो रिकॉर्डिंग के बारे में हुए एक सवाल के जवाब में पुलिस अधिकारी नवनीत सिकेरा ने कहा कि उसमें एक व्यक्ति संदिग्ध दिखाई देता है और इसकी जाँच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस को उन दुकानों का भी विवरण मिल गया है जहाँ से बम छिपाने के लिए प्रेशर कुकर ख़रीदे गए थे. उन्होंने वाराणसी की जनता की तारीफ़ करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत साहस का परिचय दिया. लश्करे तैबा इससे पहले बुधवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राज्य के पुलिस अधिकारियों, केंद्रीय सुरक्षाबलों और गुप्तचर एजेंसियों की एक बैठक हुई. प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बैठक में विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी की समीक्षा की गई और लश्करे तैबा के हाथ होने का निष्कर्ष निकाला गया. पुलिस का मानना है कि बुधवार को लखनऊ में मुठभेड़ में मारा गया कश्मीरी चरमपंथी शायद वाराणसी धमाकों का सूत्रधार था. पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह ने बीबीसी को बताया कि बंगलौर के डीसीपी ने कहा है कि बंगलौर पर हुए हमले की योजना के पीछे इसी चरमपंथी का हाथ था. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह ने कहा है कि इसकी पूरी संभावना है कि यह व्यक्ति वाराणसी के हमले में शामिल रहा होगा. |
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