|
मंदिर के मुख्य पुजारी सकते में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मंगलवार को वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में हुए विस्फोट के बाद बीबीसी ने मंदिर के पुजारी डॉ वीरभद्र मिश्र से बात की. उन्होंने इस मंदिर की महत्ता तो बताई ही साथ ही ये भी बताया कि इस विस्फोट से उन पर क्या बीत रही है. उनकी बात उन्हीं की ज़ुबानी- "मंदिर में हुआ विस्फोट मेरे लिए भयावह और सकते में डालने वाला था. संकट मोचन मंदिर बहुत पवित्र मंदिर है और धार्मिक पूजा अर्चना के लिए लोग यहाँ श्रद्धा और प्रेम के साथ आते हैं. मुझे तो इतनी पीड़ा हो रही है कि समझ में नहीं आता कि किन शब्दों में इसे बयान करूँ. शाम को सवा छह बजे जब यह विस्फोट हुआ तब वहाँ एक शादी हो रही थी. मैंने सुना कि विस्फोट के बाद फ़र्श पर ख़ून ही ख़ून बिखर गया था. किसी पवित्र स्थान पर ऐसा नहीं होना चाहिए. और ये मंदिर कितना महत्वपूर्ण है इसे किस तरह बयान किया जाए. विस्फोट के बाद हज़ारों लोग बाहर खड़े होकर रोते-चिल्लाते रहे लेकिन उन्हें भीतर नहीं जाने दिया गया. संकट मोचन मंदिर भगवान हनुमान का मंदिर है और 400 साल पहले यहीं भारत के सबसे बड़े कवियों में से एक तुलसी दास ने हनुमान का दर्शन पाया था. जिस समय तुलसीदास ने हनुमान के दर्शन पाए वहाँ जंगल था. बाद में उस स्थान पर मंदिर बना दिया गया और तभी से वहाँ पूजा अर्चना चल रही है." | इससे जुड़ी ख़बरें वीडियोः वाराणसी में धमाके08 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस बंद शांतिपूर्ण, देश में कड़ी चौकसी08 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस बम धमाकों के बाद राजनीति तेज़08 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस वाराणसी धमाकों पर संसद में हंगामा08 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस वाराणसी बम धमाकों में 15 की मौत07 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस पहले भी मंदिरों पर हुए हैं हमले07 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||