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भूकंप से क्षतिग्रस्त अमन सेतु फिर खुला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद को सड़क मार्ग से जोड़ने वाला अमन सेतु फिर से बन कर तैयार हो गया है. पिछले साल दक्षिण एशिया में आए भीषण भूकंप में 210 फ़ीट लंबा यह सेतु भी क्षतिग्रस्त हो गया था. भारतीय सेना ने इस सेतु को दोबारा तैयार किया है. अक्तूबर में आए भूकंप में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर सहित अन्य इलाक़ों में 73 हज़ार लोग मारे गए थे. जबकि भारतीय प्रशासित कश्मीर में इस भूकंप ने क़रीब 1300 लोगों की जान ले ली थी. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने इस पुल का उदघाटन करते हुए उम्मीद जताई कि अगले दो महीने के अंदर इस मार्ग से दोनों इलाक़ों के बीच व्यापार भी शुरू हो पाएगा. शांति प्रक्रिया अमन सेतु के दूसरी ओर नियंत्रण रेखा के उस पार से कुछ पाकिस्तानी सैनिकों और अधिकारियों ने भी उदघाटन समारोह देखा. लेकिन सोमवार को किसी ने पुल को पार नहीं किया. अमन सेतु ही 170 किलोमीटर लंबे श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद सड़क मार्ग को जोड़ता है. पिछले साल अप्रैल में दोनों देशों ने जारी शांति प्रक्रिया के तहत इस सड़क मार्ग को खोलने का फ़ैसला किया था. अप्रैल में इस ऐतिहासिक बस सेवा की शुरुआत हुई थी. लेकिन मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने उदघाटन के मौक़े पर कहा कि पहले यह धारणा थी कि दोनों ओर इस बस सेवा को लेकर ज़बरदस्त उत्साह है. लेकिन आज़ाद के मुताबिक़ बस सेवा शुरू होने के बाद भारतीय कश्मीर से सिर्फ़ 391 लोग उस पार गए जबकि पाकिस्तानी कश्मीर से 400 लोग इस पार आए. लेकिन उन्होंने इसके पीछे कोई वजह नहीं बताई. | इससे जुड़ी ख़बरें 'कश्मीर पर कड़ा रुख़ छोड़ सकते हैं'30 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस सीमा रेखा पर सहमति का स्वागत19 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस कश्मीर में फ़ोन सेंटरों पर लंबी क़तारें19 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस सीमा खोलने पर सहमति18 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस भूकंप के बाद भी कूटनीति जारी18 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस कश्मीर बसें मंज़िलों पर पहुँचीं 21 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस मुज़फ़्फ़राबाद से बस रवानगी का वीडियो07 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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