|
नेपाल में माओवादियों ने हड़ताल वापस ली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल की माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि वो नेपाल में पिछले चार दिनों से जारी हड़ताल वापस ले रही है. नेपाल में माओवादियों के आह्वान पर सप्ताह भर की हड़ताल बुलाई गई थी. माओवादी नेता प्रचंड ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा है कि मुख्य राजनीतिक पार्टियों और मानवाधिकार संगठनों के आह्वान के बाद हड़ताल वापस लेने का फ़ैसला किया गया है. हड़ताल का मकसद नेपाल में बुधवार को स्थानीय चुनाव में बाधा डालना बताया गया था. माओवादी नेता प्रचंड ने कहा है कि बुधवार के चुनाव में बाधा डालने का मकसद पूरा हो गया है. हड़ताल वापस लेने के फ़ैसले के बारे में कई मानवाधिकार संगठनों को एक एक ई-मेल मिला था. इस ई-मेल में माओवादी नेता प्रचंड और माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बाबूराम भट्टाराई के हस्ताक्षर थे. इस बीच नेपाल में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान ख़त्म हो गया है. ये चुनाव माओवादियों और प्रमुख राजनीतिक दलों के बहिष्कार के बीच ही हुए. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार मतदान में काफ़ी कम लोगों ने हिस्सा लिया. माओवादी हिंसा की छाया में हुए इस चुनाव में आधे से ज़्यादा सीटों पर कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं हुआ था. | इससे जुड़ी ख़बरें माओवादियों ने रखा बातचीत का प्रस्ताव07 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में हड़ताल से जनजीवन प्रभावित05 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में एक और उम्मीदवार की हत्या03 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में विरोध प्रदर्शन और हिंसा01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल नरेश ने कहा, चुनाव नहीं रुकेंगे01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||