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श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों की वार्ता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा शहर में 22 फ़रवरी से दो दिवसीय शांतिवार्ता शुरू होगी. इस शांतिवार्ता में मध्यस्थता कर रहे नॉर्वे के विशेष दूत ने इसकी जानकारी दी है. लंदन में नॉर्वे के एरिक सोल्हाइम और विद्रोहियों के मुख्य वार्ताकार एंटोन बालासिंघम के बीच बातचीत के बाद यह घोषणा की गई है. ब्रिटेन में नॉर्वे के दूतावास ने एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है, "दोनों पक्षों ने नॉर्वे से अनुरोध किया था कि वह मध्यस्थता करे." दो दिन की बातचीत में चार वर्ष से चल रहे युद्धविराम को और पुख़्ता बनाने पर ज़ोर दिया जाएगा क्योंकि पिछले कुछ समय से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ रहा है. बयान में कहा गया है, "दोनों पक्ष युद्धविराम को बेहतर बनाने और उसे ठीक से लागू करने पर विचार-विमर्श करेंगे." यह पिछले तीन वर्षों में दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने होने वाली पहली बातचीत होगी. सकारात्मक नॉर्वे के विशेष दूत एरिक सोल्हाइम ने कहा, "यह बहुत ही सकारात्मक बात है कि दोनों पक्ष शीर्ष स्तर पर बातचीत के लिए राज़ी हो गए हैं." उन्होंने कहा, "नॉर्वे सिर्फ़ मददगार की भूमिका निभा रहा है, वह दोनों पक्षों की पूरी सहायता करेगा ताकि वे किसी व्यावहारिक समाधान तक पहुँच सकें और तनाव को कम कर सकें ताकि युद्धविराम मज़बूत हो सके." श्रीलंका सरकार की ओर श्रीपाल डि सिल्वा और तमिल विद्रोहियों की ओर से एंटोन बालासिंघम मुख्य वार्ताकार होंगे जबकि सोल्हाइम मध्यस्थता करेंगे. वर्ष 2002 में नॉर्वे की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में युद्धविराम हो गया था जिसके बाद वार्ताओं का दौर शुरू हुआ था लेकिन वार्ताएँ 2003 में रूक गईं. नवंबर में महिंदा राजपक्षे के सत्ता में आने के बाद से रूकी हुई शांति वार्ता को दोबारा शुरू करने के प्रयास चल रहे थे. | इससे जुड़ी ख़बरें कोलंबो में 900 लोग पुलिस हिरासत में31 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में नौसैनिकों पर हमला06 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'हत्या, अपहरण का दौर ख़त्म करें'12 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बारूदी सुरंग विस्फोट में नौ नाविक मरे12 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों के दफ़्तर में धमाका14 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई के साथ तत्काल वार्ता ज़रूरी'22 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में तनाव कम करने की कोशिश23 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका सरकार-विद्रोही मिलने को राज़ी'25 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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