|
आईआईएम को विदेशी परिसर की अनुमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थान यानी आईआईएम को देश के बाहर परिसर स्थापित करने की अनुमति दे दी है. मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह ने बुधवार को घोषणा की कि आईआईएम विदेशों में अपने परिसर स्थापित कर सकते हैं. लेकिन इसके पहले उन्हें अपने नियमों में परिवर्तन करना होगा. उल्लेखनीय है कि संस्थान के नियमों में अब तक व्यवस्था है कि वे देश के बाहर अपने परिसर स्थापित नहीं कर सकते हैं. इसके पहले अर्जुन सिंह ने सभी छह आईआईएम के निदेशकों से बातचीत की. मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि विदेशों में शाखाएँ खोलने के अलावा देश के छात्रों के लिए भी अवसर बढ़ाने की आवश्यकता है. उनका कहना था कि आईआईएम में छात्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, मूलभूत ढांचे में विस्तार किया जाना चाहिए और नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए. आईआईएम के निदेशकों ने कहा कि वे इन मुद्दों पर एक दस्तावेज़ पेश करेंगे. हाल में आईआईएम-बंगलौर ने सरकार से सिंगापुर में परिसर खोलने की अनुमति माँगी थी. लेकिन सरकार ने उसे ठुकरा दिया था. इस पर भारी विवाद उठ खड़ा हुआ था और आईआईएम में पढ़े लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. मानव संसाधन मंत्रालय की दलील थी कि संस्थान पहले देश के छात्रों की माँग को पूरा करें. देश में अहमदाबाद. कोलकाता, बंगलौर,लखनऊ, इंदौर और कोज़ीकोड में भारतीय प्रबंधन संस्थान हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें आईआईएम की फ़ीस न घटाने का फ़ैसला29 जून, 2004 | भारत और पड़ोस पिछली नीतियों में बदलाव के संकेत24 मई, 2004 | भारत और पड़ोस आईआईएम फीस पर फ़ैसला जून तक31 मई, 2004 | भारत और पड़ोस प्रमुख प्रबंधन संस्थान फ़ीस नहीं घटाएगा03 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस आईआईएम की फ़ीस घटाने से नाराज़गी06 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस आईआईएम की फ़ीस में भारी कटौती05 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||