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आईआईएम फीस पर फ़ैसला जून तक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा है कि देश के सभी प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) में एक समान फीस का फ़ैसला इसी साल जून तक ले लिया जाएगा. पिछले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के दौरान मानव संसाधन विकास मंत्रालय और भारतीय प्रबंध संस्थानों में फीस के मुद्दे पर काफ़ी तनातनी हो गई थी. मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने सोमवार को छह प्रबंध संस्थानों के निदेशकों से मुलाक़ात की और फीस के बारे में छह जून तक अपने सुझाव देने के लिए कहा है. जानकारों का कहना है कि फीस कटौती के विवाद का समाधान ग़रीब छात्रों के लिए कम फीस का ढाँचा तैयार करके भी निकाल जा सकता है. मानव विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने प्रबंध संस्थानों की फीस में क़रीब 80 प्रतिशत की कमी कर दी थी और दलील दी थी कि इससे ग़रीब छात्रों को मदद मिलेगी. प्रबंध संस्थानों में वार्षिक फीस डेढ़ लाख रूपए से घटाकर तीस हज़ार रुपए किए जाने के इस फ़ैसले पर कुछ प्रबंध संस्थानों ने ऐतराज़ जताया था. कुछ प्रबंध संस्थान तो फीस घटाने के इस फ़ैसले को पहले ही लागू कर चुके हैं लेकिन कुछ ने इस बारे में अभी कोई फ़ैसला नहीं किया है. |
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