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नेपाल में माओवादियों से संघर्ष में 25 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में सेना का कहना है कि काठमांडू से दक्षिण-पश्चिम में माओवादियों के साथ संघर्ष में 25 लोग मारे गए हैं. सेना के अनुसार मारे गए लोगों में 17 माओवादी विद्रोही हैं. पाँच सैनिक, एक पुलिस अधिकारी और दो आम नागरिक भी संघर्ष में मारे गए हैं. ये संघर्ष काठमांडू से केवल 40 किलोमीटर दूर हुआ लेकिन ये इलाक़ा निर्जन और दुर्गम है. उधर विपक्ष ने प्रतिबंध के बावजूद विरोध जारी रखने की बात की है और तीन और दिन रैलियाँ निकालने का आह्वान किया है. इस बीच नेपाली अधिकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री और एक प्रमुख विपक्षी नेता गिरिजा प्रसाद कोइराला को नज़रबंद रखने का फ़ैसला वापस ले लिया है. नेपाली कांग्रेस के नेता कोइराला समते कुछ और वरिष्ठ विपक्षी नेताओं को तीन दिन पहले 90 दिनों के लिए नज़रबंद कर दिया गया था. विपक्षी नेता युनाइटेड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट को भी हिरासत से रिहा कर दिया गया है. महत्वपूर्ण है कि दो अन्य प्रमुख नेता, जो पूर्व उप प्रधानमंत्री हैं - माधव कुमार नेपाल और मोहन अधिकारी अब भी नज़रबंद हैं. नेपाल में पिछले तीन दिन में 400 से अधिक राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था लेकिन प्रशासन का अब कहना है कि इनमें से अधिकतर को रिहा कर दिया गया है. विरोध विपक्षी दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल के नेता माधव कुमार नेपाल ने कहा,"लोकतंत्र के लिए संघर्ष के रास्ते में कोई विराम नहीं आएगा". विपक्षी दलों की एक समन्वय समिति ने गुरूवार को पूरे नेपाल में आम हड़ताल का आह्वान किया है. नेपाल में सात विपक्षी दलों का गठबंधन पिछले साल नेपाल नरेश के सत्ता अपने हाथ में ले लेने का विरोध कर रहे हैं. नेपाल में पिछले कुछ दिनों में विपक्षी दलों के 300 से भी अधिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ़्तार किया जा चुका है. साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला समेत पाँच विपक्षी नेताओं को 90 दिन के लिए नज़रबंद कर दिया गया है. संघर्ष और विरोध
काठमांडू में शनिवार को विरोध रैली निकालने की कोशिश कर रहे विभिन्न राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़पें हुईं. प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने दरअसल शुक्रवार को शहर के बीचो-बीच एक रैली बुलाई थी. लेकिन सरकार ने रैली नहीं होने दी और वहाँ कर्फ़्यू लगा दिया. नेपाल सरकार का कहना है कि उनके पास सूचना है कि रैली के नाम पर माओवादी काठमांडू में घुसपैठ कर हमले कर सकते हैं. लेकिन शनिवार को जब फिर रैली निकालने की कोशिश की गई तो सुरक्षाकर्मियों ने बलप्रयोग किया. सरकार का कहना है कि लगभग 200 लोगों को हिरासत में लिया गया है लेकिन विपक्ष ये संख्या बहुत अधिक बता रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें काठमांडू में प्रदर्शन, पुलिस से झड़प21 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में रैली को रोकने के लिए कर्फ़्यू20 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाली विपक्षी दल रैलियाँ करने पर अड़े17 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में गिरफ़्तारियाँ, भारत चिंतित19 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस काठमांडूः रैलियों पर पाबंदी, रात का कर्फ़्यू16 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस काठमांडू के निकट माओवादियों का हमला14 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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