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'फ़ोन टैपिंग से सरकार का लेना-देना नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने समाजवादी पार्टी के उन आरोपों को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरकार उसके नेताओं के फ़ोन टैप करवा रही है. समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने आरोप लगाया था कि सरकार उनके फ़ोन टेप करा रही है और न्यायिक जाँच की मांग की थी. अमर सिंह ने तो इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाया है. लेकिन क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा कि फ़ोन टैपिंग के मामले में एक निजी जासूसी कंपनी और एक दूरसंचार कंपनी के कर्मचारी को गिरफ़्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है. क़ानून मंत्री ने कहा, "अमर सिंह का फ़ोन टैप करने से हमें क्या मिलेगा. ये आरोप ग़लत और आधारहीन हैं." हंसराज भारद्वाज ने कहा कि अमर सिंह एक सांसद हैं और उनका व्यवहार एक सांसद की तरह होना चाहिए. उन्होंने कहा कि फ़ोन टैपिंग की अनुमति देशहित के मामलों में ख़ुफ़िया एजेंसियों की जानकारी के आधार पर होती है. आरोप पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने सबसे पहले ये आरोप लगाया था कि उनका और पार्टी महासचिव अमर सिंह का फ़ोन टैप हो रहा है. दोनों नेताओं ने इसके पीछे कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा सोनिया गाँधी पर भी आरोप लगाए थे. इस मामले को लेकर समाजावादी पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी भी जारी है. इस बीच तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से भी यह बयान आया कि उनका फ़ोन टैप किया जा रहा है. इसके बाद आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी ऐसे ही आरोप लगाए. जबकि हाल ही में भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया था कि वोल्कर मामले में संसद में हुए हंगामे के दौरान तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी का फ़ोन टैप किया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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