|
ट्राई के पास कोई शिकायत नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टेलीफ़ोन टैपिंग के विवादों के बीच भारत की टेलीकॉम नियामक एजेंसी (ट्राई) ने कहा है कि यदि किसी गंभीर सुरक्षा कारणों के अलावा फ़ोन टैप किए गए हैं तो यह एक गंभीर मामला है. हालांकि टेलीफ़ोन टैपिंग मामले को लेकर समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह सर्वोच्च न्यायालय पहुँच गए हैं लेकिन ट्राई का कहना है कि अब तक इसकी कोई शिकायत उनको नहीं मिली है. उल्लेखनीय है कि विपक्षी नेताओं अमर सिंह, जयललिता और चंद्रबाबू नायडू के अलावा प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने लालकृष्ण आडवाणी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के फ़ोन टैप होते रहने का आरोप लगाया है. सत्ताधारी यूपीए का नेतृत्व कर रही कांग्रेस फ़ोन टैपिंग का खंडन करती रही है. हालांकि दिल्ली पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है और इसे लेकर कुछ गिरफ़्तारियाँ भी की गई हैं. शिकायत नहीं देश में टेलीकॉंम नियमन को लेकर काम करने वाली सबसे बड़ी एजेंसी ट्राई के अधिकारियों का कहना है कि टेलीफ़ोन टैपिंग कभी-कभी गंभीर सुरक्षा कारणों से किया जाता है लेकिन इसकी जानकारी राज्य और केंद्र सरकार को सुरक्षा एजेंसियाँ देती हैं.
उनका कहना था कि आमतौर पर टेलीफ़ोन टैपिंग की जानकारी ट्राई को नहीं दी जाती लेकिन यदि कोई व्यक्ति या संस्था इसकी शिकायत करती है तो ट्राई उस पर कार्रवाई करता है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा कि इस समय फ़ोन टैपिंग को लेकर जो विवाद चल रहा है उसकी कोई औपचारिक शिकायत अब तक ट्राई को नहीं की गई है लेकिन मीडिया रिपोर्ट के आधार पर ट्राई जो कार्रवाई कर सकता है, कर रहा है. अधिकारी का कहना था कि टेलीकॉम के क्षेत्र में जिस भी कंपनी को लाइसेंस दिया जाता है उसके लिए क़ानूनन यह बाध्यता होती है कि वह टैपिंग न करे. | इससे जुड़ी ख़बरें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||