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छोटी उम्र में ही बड़ा कारनामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम के दौरान एक नौ साल के बच्चे से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाए और उन्होंने इस बच्चे की विशेष रूप से पीठ थपथपाई. नौ साल के इस चमत्कारी बच्चे अजय पुरी की ख़ासियत यह है कि इसने तीन साल की उम्र में अपनी वेवसाइट तैयार कर ली थी. मनमोहन सिंह ने उससे कहा,” तुम भारत का नाम रोशन करोगे, मुझे तुम पर गर्व है.” अजय पुरी पैदा तो हैदराबाद में हुआ है लेकिन बैंकॉक के एक स्कूल में पांचवी कक्षा में पढ़ता है और उसके पिता आदित्य बिरला ग्रुप की एक कंपनी में काम करते हैं. जब वो तीन साल का था तो उसने माइक्रोसॉफ्टकिड डॉट कॉम नाम की एक वेबसाइट डिज़ाइन की. पत्रकारों से बातचीत में उसने बताया कि यह वेबसाइट मेरे बारे में है. मैं किनसे मिला और मैं कंप्यूटर के बारे में क्या जानता हूँ आदि. अजय बिल गेट्स से लेकर नारायण मूर्ति तक से मिल चुका है. बिल गेट्स तो उससे इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने अजय को अपनी साइट के नाम में माइकोसॉफ्ट लगाने की इज़ाजत दे दी. अजय के दादा बीएन पुरी उसके साथ आए हुए थे. उसने बताया कि उसका छोटा भाई थोड़ा तगड़ा है इसलिए उसे लोग 'हार्डवेयर' और मुझे 'सॉफ्टवेयर' कहते हैं. हालांकि उसकी दिलचस्पी क्रिकेट और फ़ुटबॉल में भी है लेकिन पहला प्यार कंप्यूटर से है. | इससे जुड़ी ख़बरें दोहरी नागरिकता का दायरा व्यापक हुआ07 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस कल्पना चावला को प्रवासी सम्मान08 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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