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इक़बाल ख़ान लंदन रेज़ीडेंसी वाले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन ज़ोर-शोर से आंध्र प्रदेश के शहर हैदराबाद में हो रहा है. शहर में इन दिनों आयोजनों का दौर है. ठीक इसके पहले भारतीय विज्ञान कांग्रेस हो कर चुकी है. उसके तुरंत बाद प्रवासी भारतीय दिवस और अंत में कांग्रेस पार्टी के महाधिवेशन का आयोजन है. शहर में अलग-अलग तरह के बैनर और होर्डिंग लगे हुए हैं. लेकिन दक्षिण भारत और प्रवासी भारतीय एक दूसरे से गहराई से जुड़े हैं. मैं जिस होटल में ठहरा हूँ. उसका नाम है आईके लंदन रेज़ीडेसी. जब पता किया तो मालूम चला कि दरअसल यह लंदनवाले इक़बाल ख़ान साहब का होटल है. वो हैदराबाद से ताल्लुक रखते हैं और प्रवासी भारतीय हैं. अपनी जड़ों से संपर्क बनाए रखने के लिए उन्होंने होटल खोल दिया. अब आम के आम हैं और गुठलियों के दाम हैं. विवाद भारत में कोई भी आयोजन बिना राजनीति और विवाद के संपन्न नहीं माना जाता. अब अंतिम दिन राष्ट्रपति से सम्मानित होनेवालों की सूची में अमरीका के डॉक्टर डॉक्टर सुधीर पारिख भी हैं. डॉक्टर पारिख विश्व हिंदू परिषद से जुड़े माने जाते हैं और कहा जाता है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की अमरीका यात्रा के निमंत्रण में भी उनकी भूमिका थी. हालांकि मोदी को अमरीकी सरकार ने वीज़ा नहीं दिया था और वह विवाद लंबा खिंचा था. अब सरकार कांग्रेस नेतृत्ववाले यूपीए गठबंधन की है और इस चयन को लेकर कुछ लोगों ने नाक-भौं सिकोड़ी. लेकिन प्रवासी भारतीय विभाग के मंत्री ऑस्कर फर्नांडिस ने साफ़ कर दिया है कि ऐसे किसी भी आयोजन में राजनीति संदेश नहीं ढूंढे जाने चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें दोहरी नागरिकता का दायरा व्यापक हुआ07 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस 'प्रवासी भारतीयों की बाधाएँ दूर हों'10 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री की कई आर्थिक घोषणाएँ09 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस कल्पना चावला को प्रवासी सम्मान08 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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