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शनिवार, 10 जनवरी, 2004 को 12:55 GMT तक के समाचार
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'प्रवासी भारतीयों की बाधाएँ दूर हों'
लॉर्ड मेघनाद देसाई और अन्य प्रवासी भारतीय
प्रवासी भारतीयों ने भारत सरकार के सामने अपनी समस्याओं को उठाया

प्रवासी भारतीयों ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह नौकरशाही और लालफ़ीताशाही की बाधाएँ दूर करे.

प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर ब्रिटेन के व्यवसायी राणा तलवार ने कहा कि अब भी लालफ़ीताशाही मौजूद हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि विदेशी निवेश में आनेवाली नौकरशाही की बाधाएँ हटाई जानी चाहिए.

कीनिया के माबती रॉलिंग मिल्स के चेयरमैन मनु चंदरिया ने कहा कि जब तक सरकार नौकरशाही की बाधाएँ नहीं हटाती है, प्रवासी भारतीयों की ओर से निवेश नहीं बढ़ेगा.

ब्रिटेन के लॉर्ड आरके बागड़ी ने भारत और चीन की तुलना की.

उनका कहना था कि भारत के आर्थिक सुधार कार्यक्रम में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के कारण कुछ सीमाएँ हैं.

इस अवसर पर उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि भारत में अब अनेक अवसर उपलब्ध हैं.

उनका कहना था कि अवसरों की तलाश के लिए विदेश गए भारतीय फिर से भारत में अपने लिए तरक्की के मौक़े तलाश कर सकते हैं.

आडवाणी का कहना था कि आजादी के बाद बहुत दिनों तक अनेक लोगों को लगता था कि वे प्रवासी बनकर ही कुछ हासिल कर सकते हैं क्योंकि उन्हें भारत में प्रर्याप्त अवसर नहीं दिखते थे.

उन्होंने कहा कि अब भारत खुद अवसरों की भूमि बन गया है.

उन्होंने इसी संबंध में दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी और पर्यटन क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख किया.

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