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रविवार, 08 जनवरी, 2006 को 08:40 GMT तक के समाचार
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प्रवासी भारतीयों को रिझाने की कोशिश

प्रवासी भारतीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री
सभी मुख्यमंत्रियों ने अपने निवेश के लिए राज्यों की ख़ूबियाँ गिनाईं
हैदराबाद में चौथे प्रवासी भारतीय सम्मेलन को निवेश के लिए रिझाने की कोशिश के तहत विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में निवेश की संभावनाओं को पेश किया.

एक तहर से प्रवासी भारतीय दिवस का दूसरा दिन मुख्यमंत्रियों के नाम रहा.

इसमें एक ओर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रवासी भारतीयों को आमंत्रित किया और कहा कि एक साल में बिहार भी किसी राज्य से पीछे नहीं रहेगा.

दूसरी ओर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना था कि अब उनके राज्य की प्रतिस्पर्धा देश के किसी राज्य से नहीं है बल्कि चीन, जापान और जर्मनी से है.

इस सत्र की अध्यक्षता योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने की.

सबसे पहले फ़िक्की के अमित मित्रा ने भारत की अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश की.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने कहा ने उनके राज्य में ढांचागत सुविधाएं मज़बूत हैं और सूचना तकनीक के क्षेत्र में राज्य का अहम स्थान है.

रेड्डी का कहना था कि अमरीका में काम करे 25 फ़ीसदी सॉफ़्टवेयर प्रोफेशनल आंध्र प्रदेश से हैं.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हिंदी में अपनी बात रखते हुए प्रवासी भारतीयों को आश्वस्त करने की कोशिश की कि बिहार से घबराने की अब ज़रूरत नहीं है. हम आपके स्वागत के लिए तैयार हैं.

उनका कहना कि मानव संसाधन बिहार की पूंजी है और एक साल में बिहार भी किसी से पीछे नहीं रहेगा.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना था कि गुजरात ने आर्थिक सुधारों की दिशा में चमत्कारी उपलब्धियाँ हासिल की हैं.

उनका कहना कि गुजरात का सकल घरेलू उत्पादन, जीडीपी 15.6 है जो एशिया में सबसे ज़्यादा है.

मोदी का कहना था कि अब गुजरात की प्रतिस्पर्धा देश के राज्यों से नहीं है बल्कि चीन, जापान और जर्मनी से है.

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद का कहना था कि उनके राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं.

उन्होंने प्रवासी भारतीयों को प्रसंस्कृति खाद्य क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया.

केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने खाड़ी के देशों में रहनेवाले प्रवासी भारतीयों की समस्याओं को उठाया.

उनका कहना था कि उनके कल्याण के लिए और क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है. उन्होंने खाड़ी के देशों में जानेवाले असंगठित क्षेत्र की लोगों के कल्याण के लिए उठाए गए क़दमों की जानकारी दी.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख का कहना था कि घरेलू और विदेशी निवेश के मामले में उनका राज्य आगे है लेकिन वो इतने भर से संतुष्ट नहीं हैं.

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