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थार एक्सप्रेस को हरी झंडी मिली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राजस्थान और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच रेल सेवा फिर शुरू करने पर दोनों देशों के बीच सहमति हो गई है. थार एक्सप्रेस नाम से शुरू होने वाली ये रेल सेवा राजस्थान के मुनाबाव और पाकिस्तान के खोखरापार के बीच चलेगी और यह एक फ़रवरी 2006 से शुरू होगी. ये घोषणा दिल्ली में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद शुक्रवार को की गई. दोनों देशों के बीच यह दूसरा रेल संपर्क होगा. एक रेल संपर्क समझौता एक्सप्रेस के ज़रिए है जो दोनों देशों में पंजाब की सीमाओं के बीच चलती है. मुनाबाव और खोखरापार के बीच रेल संपर्क 1965 में हुई लड़ाई के समय टूट गया था और यह रेल सेवा तभी से बंद है. भारत और पाकिस्तान ने दिसंबर 2004 में इस रेल संपर्क को बहाल करने का फ़ैसला किया था. पहले ये उम्मीद की गई थी कि रेल संपर्क अक्तूबर 2005 तक शुरू हो सकेगा, फिर इसे एक जनवरी 2006 से शुरू करने की बात तय हुई थी. लेकिन दोनों देशों के बीच इस रेल संपर्क की योजना को अंतिम रूप देने पर होनेवाली बातचीत में देरी होने के कारण एक जनवरी की तारीख़ भी टल गई. पिछले 40 वर्षों से रेल सेवा बंद रहने के कारण रेल पटरियों की हालत बहुत ख़राब हो चुकी थी और उसे बहाल करने के लिए काफ़ी काम करना था. 2004 में दोनों देशों के बीच समझौता एक्सप्रेस भी फिर से शुरु की गई थी. दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हुए चरमपंथी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था जिसका असर समझौता एक्सप्रेस पर भी पड़ा था और इसे बंद कर दिया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें मुनाबाव-खोखरापार रेल पर सरहद में शक05 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस 'खोखरापार-मुनाबाओ रेल सेवा 2005 से'25 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस समझौता एक्सप्रेस का सफ़र बहाल15 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस समझौता एक्सप्रेस का सफ़र18 दिसंबर, 2003 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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