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क़ब्रगाह की सीबीआई से जाँच की याचिका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात हाई कोर्ट में पंचमहल ज़िले के एक गाँव में मिली क़ब्रगाह में मिले मानव अवशेषों के संबंध में एक याचिका दायर की गई है. इस याचिका में इस मामले की सीबीआई से जाँच कराने और अवशेषों का डीएनए परीक्षण कराने का अनुरोध किया गया है. ये याचिका 2002 के दंगों में मारे गए परिजनों की ओर से दायर की गई है. याचिकाकर्ता अमीना हबीब रसूल का जवान बेटा सांप्रदायिक दंगों में मारा गया था. दूसरा याचिकाकर्ता स्टीज़न्स फोर पीस नामक ग़ैरसरकारी संगठन है. स्टीज़न्स फ़ॉर पीस नामक ग़ैरसरकारी संगठन की तीस्ता सीतलवाड़ का कहना है कि ये अवशेष गोधरा के बाद हुए सांप्रदायिक दंगों में मारे गए लोगों के हो सकते हैं. उनका कहना था कि सीबीआई से जाँच कराई जानी इसलिए ज़रूरी है क्योंकि राज्य की पुलिस पर लोगों का भरोसा नहीं है. इस याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होने की उम्मीद की जा रही है. मामला ग़ौरतलब है कि पंचमहल ज़िले में कुछ ग्रामीणों को एक क़ब्रगाह से कुछ मानव अवशेष मिले थे. सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि ये मानव अवशेष उन मुसमलानों के हैं जिन्हें मार्च 2002 में सांप्रदायिक दंगों के दौरान एक भीड़ ने मार दिया था. इधर पुलिस ने इस इलाक़े की घेराबंदी कर दी है और बुधवार को उसने कुछ नमूने भी इकट्ठे किए. ज़िले के पुलिस अधीक्षक जेके भट्ट ने बीबीसी को बताया कि पोस्टमार्टम के बाद नगरपालिका ने यहाँ कुछ शवों को दफना दिया था. पंचमहल ज़िले के पंडारवड़ा गाँव में मार्च 2002 में एक भीड़ ने 26 मुसलमानों की हत्या कर दी थी. एक सामाजिक कार्यकर्ता सुहेल टोपीवाला ने दावा किया कि पुलिस ने सिर्फ़ आठ लोगों की मौत का मामला दर्ज किया था और कोई भी शव परिजनों या रिश्तेदारों को नहीं सौंपा गया था. ग़ौरतलब है कि फ़रवरी 2002 में गोधरा में एक रेलगाड़ी में आगज़नी की घटना के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगे शुरू हो गए थे जो कई महीने चले थे. आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार इनमें एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे जिनमें ज़्यादातर मुसलमान थे. हालांकि ग़ैरसरकारी संगठन मारे गए लोगों की संख्या दो हज़ार से ज़्यादा बताते हैं. दंगों से निपटने के तरीके को लेकर राज्य की नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना हुई थी और आरोप लगे थे कि राज्य सरकार दंगों के प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने में नाकाम रही. | इससे जुड़ी ख़बरें गुजरात में क़ब्रगाह मिली27 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मोदी विरोधी मुहिम तेज़ हुई19 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'ज़ाहिरा को प्रलोभन दिया गया होगा'29 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस कोर्ट ने गुजरात सरकार को फटकार लगाई08 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस गुजरात पुस्तकों में 'हिटलर की तारीफ़'24 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस 'गोधरा हमला आतंकवादी षडयंत्र नहीं'24 मई, 2005 | भारत और पड़ोस तीन बरस बाद भी ज़िंदा गोधरा के सवाल27 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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