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कोर्ट ने गुजरात सरकार को फटकार लगाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में तीन साल पहले हुए सांप्रदायिक दंगों के बारे में गुजरात सरकार को फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि राज्य की पुलिस या तो दोषियों के साथ मिली हुई है या फिर पूरी तरह अपना काम करने में अक्षम है. गुजरात में तीन साल पहले एक रेलगाड़ी में लगी आग में 59 रेल यात्री मारे गए थे जिसके बाद पूरे राज्य में दंगे भड़क उठे थे. इन दंगों में सरकारी आकड़ों के अनुसार लगभग एक हज़ार लोग मारे गए थे जिनमें से अधिकतर मुसलमान थे. हालाँकि ग़ैरसरकारी संगठन मृतकों की संख्या दो हज़ार तक बताते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में नरोडा पाटिया में हुए सांप्रदायिक दंगों के एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि गुजरात के पुलिस प्रमुख से बार-बार दोषियों को गिरफ़्तार करने के लिए कहा गया है लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए हैं. कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं करती तो वरिष्ठ पुलिस अफ़सरों को अदालत में बुलाया जा सकता है. |
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