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मनमोहन तीन दिन के रूस दौरे पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तीन दिन की रूस यात्रा पर रवाना हो गए हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन से कई अहम मसलों पर बातचीत करेंगे. 21 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी प्रधानमंत्री के साथ मास्को रवाना हुआ है. इस प्रतिनिधि मंडल में विदेश सचिव श्याम सरन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन, प्रमुख सचिव टीकेए नायर, परमाणु ऊर्जा आयोग के चेयरमैन अनिल काकोडकर और इसरो के चेयरमैन जी माधवन हैं. इसके अलावा उनके साथ एक 14 सदस्यीय व्यावसायिक शिष्ट मंडल भी रुस गया है. मनमोहन सिंह और व्लादीमीर पुतिन के बीच यह इस साल चौथी मुलाक़ात होगी. अपनी यात्रा से पहले मनमोहन सिंह ने कहा, "सामरिक मुद्दों पर सहयोग हमारे संबंधों का अहम पहलू रहा है और इसमें प्रगति संतोषजनक है. हमें उम्मीद है कि हम ऊर्जा के मसले पर भी इसी तरह के संबंध क़ायम कर सकेंगे." मनमोहन सिंह के रवाना होने से पहले रक्षामंत्री प्रणव मुखर्जी और गृहमंत्री शिवराज पाटिल उनके निवास 7, रेसकोर्स रोड में उपस्थित थे. | इससे जुड़ी ख़बरें आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई पर ज़ोर05 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना पुतिन का तीसरे कार्यकाल से इनकार06 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना भारत के लिए वीटो अधिकार का समर्थन04 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस भारत और रूस के बीच सहमति03 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस पुतिन और मनमोहन के बीच बातचीत03 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस रूस की नई परमाणु हथियार प्रणाली17 नवंबर, 2004 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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