|
भारत और रूस के बीच सहमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच आपसी महत्व के कई मुद्दों पर सहमति हुई है. तीन दिन के भारत दौरे पर पहुँचे पुतिन ने शुक्रवार को भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की. इस अवसर पर भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जे एन दीक्षित और विदेश सचिव श्याम शरण भी उपस्थित थे. दोनों देशों ने एक साझा घोषणापत्र पर भी हस्ताक्षर किए हैं जिसमें सामरिक सहयोग पर ज़ोर दिया गया है. रूसी प्रधानमंत्री ने काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाक़ात की. व्लादीमिर पुतिन 2000 में पहली बार राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद से तीसरी बार भारत के दौरे पर गए हैं. समझौते व्लादीमिर पुतिन और मनमोहन सिंह ने दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच लगभग तीन घंटे की बातचीत के बाद एक साझा घोषणापत्र पर दस्तख़त किए. दोनों पक्षों में ये सहमति हुई कि अगले साल अप्रैल तक रक्षा उपकरणों के बौद्धिक संपदा अधिकार के बारे में एक समझौता किया जाएगा. साथ ही अंतरिक्ष, संचार तकनीक और राजनयिकों और अधिकारियों को बिना वीज़ा के रूस यात्रा के बारे में भी सहमति हुई है. दोनों देशों के बीच चार समझौतों पर दस्तख़त हुए हैं जिनमें शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष के इस्तेमाल के बारे में भी एक समझौता हुआ है. साथ ही सात सहमति पत्रों पर भी हस्ताक्षर हुए हैं जिनमें बैंकिंग और प्राकृतिक गैस की खोज और आपूर्ति के बारे में सहयोग का उल्लेख है. पुतिन के गृहनगर सेंट पीटर्सबर्ग और मुंबई के बीच सहयोग के बारे में भी एक समझौते पर दस्तख़त हुए हैं. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी का पूरा समर्थन किया है. भारत ने रूस को समय से पहले विश्व व्यापार संगठन का सदस्य बनाए जाने का भी समर्थन किया और उम्मीद जताई कि जल्दी ही इस बारे में कोई फ़ैसला हो सकेगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||