BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मित्र को भेजेंकहानी छापें
भारत रूस से युद्धपोत ख़रीदेगा
सर्गेई इवानोफ़
इवानोफ़ की यात्रा में कई समझौते

रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई इवानोफ़ तीन दिन की भारत यात्रा पर सोमवार को दिल्ली पहुँचे हैं.

उनकी इस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच एक महत्वपूर्ण सौदा हो रहा है.

भारत रूस से सोवियत संघ ज़माने का एक विमान वाहक पोत ख़रीद रहा है.

यह पुराना है लेकिन इसकी मरम्मत करके इसे नया जैसा बनाया गया है और इसका नाम है-एडमिरल गोर्शख़ोफ़.

संभावना है कि मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारी इस सौदे पर हस्ताक्षर करेंगे.

सर्गेई इवानोफ़ ने सोमवार को भारत पहुँचकर कहा कि विभिन्न प्रकार के हथियारों से लैस यह पोत 2008 तक भारत को मिल जाएगा.

संवाददाताओं का कहना है कि अगर यह सौदा हो जाता है तो सोवियत संघ के विघटन के बाद से भारत और रूस के बीच यह सबसे बड़ा सौदा होगा.

इस सौदे की क़ीमत क़रीब एक अरब अस्सी करोड़ डॉलर आँकी जा रही है.

अगर रुपए में गिनें तो यह धन क़रीब 85 अरब बैठेगा.

संभावना है कि इवानोफ़ मिग लड़ाकू विमान, उसके कलपुर्ज़ों और रूसी टेंकों की भारत को आपूर्ति के बारे में भी बातचीत करेंगे.

रूस से विमान वाहक पोत और 12 मिग-29के लड़ाकू विमान ख़रीदने के सौदे पर हाल के वर्षों में बातचीत हुई थी लेकिन दस्तख़त में देरी होती रही.

पुराने पोत को ख़रीदने के फ़ैसले की भारत में आलोचना भी हुई है.

आलोचकों का कहना है कि पुराने पोत पर इतनी बड़ी रक़म ख़र्च करना ठीक नहीं है बल्कि यह रक़म नए उपकरणों पर ख़र्च की जानी चाहिए.

भारतीय नौसेना का कहना है कि सौदे में यह शर्त शामिल है कि पोत की अच्छी तरह मरम्मत की जाएगी और उस पर आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे जिससे इसकी उम्र क़रीब 40 साल हो जाएगी.

पुराने दोस्त

भारत और सोवियत संघ शीत युद्ध के दौरान के ही दोस्त रहे हैं और भारत को उससे बड़ी मात्रा में हथियार मिलते रहे हैं.

1960 से भारत सोवियत संघ से तीस अरब डॉलर मूल्य के हथियार और विमान ख़रीद चुका है.

रूस के हथियार ख़रीदने के मामले में चीन के बाद भारत दूसरे स्थान पर है.

भारत के पास पहले से ही आईएनएस विक्रांत नाम का विमान वाहक पोत है जो ब्रिटेन से लिया गया है.

भारत के पास अन्य 140 बड़े जहाज़ हैं जिनमें 14 पनडुब्बियाँ भी शामिल हैं.

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के पास अभी एक भी विमान वाहक पोत नहीं है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>