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पुतिन और मनमोहन के बीच बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के दौरे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत शुरू कर दी है. पुतिन ने विदेश मंत्री नटवर सिंह से भी मुलाक़ात की. इस यात्रा के दौरान दोनो देशों में रक्षा क्षेत्र में सहयोग और व्यापार पर बातचीत होगी. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उनके साथ संयुक्त क्रूज़ मिसाइल परियोजना और भारत के लिए रूसी परमाणु रिएक्टर के बारे में बातचीत करने की संभावना है. उम्मीद जताई जा रही है कि दोनो पक्ष कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे. दोनो देशों के संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को मज़बूत किए जाने के बारे में बयान देने की भी संभावना है. भारत और रूस में पारंपिरक मित्रता रही है और भारत में कई रक्षा संबंधित उपकरण रूस से या फिर रूसी मदद से बनाए जाते रहे हैं. लेकिन हाल के वर्षों में भारत हथियार और रक्षा उपकरण खरीदने के लिए इसराइल और अमरीका की ओर देखता नज़र आ रहा है. इससे पहले दिसंबर 2002 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत का दौरा किया था और उनकी तब भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से बातचीत हुई थी. इराक़ युद्ध से पहले दोनो देशों ने किसी भी एकतरफ़ा हमले का विरोध किया है. दोनों नेताओं ने तब कहा था कि वे इराक़ संकट का राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान चाहते हैं. |
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