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गोर्शकौफ़ की ख़रीद पर दस्तख़त हुए
भारत और रूस के बीच विमानवाहक युद्धपोत 'एडमिरल गोर्शकौफ़' की ख़रीद के बारे में औपचारिक समझौता हो गया है. रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार इस सौदे पर मंगलवार को भारत के रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडिस और रूसी रक्षा मंत्री सर्गेइ इवानौफ़ ने हस्ताक्षर किए. इगोर इवानौफ़ भारत की यात्रा पर सोमवार को दिल्ली पहुँचे थे. रक्षा मंत्रालय के अनुसार गोर्शकौफ़ की ख़रीद के अलावा सौदे में इस पोत के लिए ज़रूरी अन्य सामग्रियों और सिस्टम्स की भी ख़रीद शामिल है. इसके अलावा डेढ़ अरब डॉलर से भी ज़्यादा राशि के इस सौदे में 12 लड़ाकू विमान भी ख़रीदे गए हैं. इगोर इवानौफ़ ने सोमवार को दिल्ली में बताया कि ये पोत 2008 तक भारत को सौंप दिया जाएगा. सौदा रूस से विमान वाहक पोत और 12 मिग-29के लड़ाकू विमान ख़रीदने के सौदे पर हाल के वर्षों में कई बार बातचीत हुई थी लेकिन दस्तख़त में देरी होती रही. पुराने पोत को ख़रीदने के फ़ैसले की भारत में आलोचना भी हुई है. आलोचकों का कहना है कि पुराने पोत पर इतनी बड़ी रक़म ख़र्च करना ठीक नहीं है बल्कि यह रक़म नए उपकरणों पर ख़र्च की जानी चाहिए. भारतीय नौसेना का कहना है कि सौदे में यह शर्त शामिल है कि पोत की अच्छी तरह मरम्मत की जाएगी और उस पर आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे जिससे इसकी उम्र क़रीब 40 साल हो जाएगी. |
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