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ठाकरे परिवार में गहरी होती दरार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राज ठाकरे के शिवसेना के सभी पदों से इस्तीफ़ा देने के एक दिन बाद उत्तराधिकार के मसले पर ठाकरे परिवार का विवाद गहरा गया है. रविवार को राज ठाकरे की इस घोषणा के बाद से बैठकों का दौर चल रहा है जो रविवार की लगभग पूरी रात चलता रहा और इस समय भी बाल ठाकरे के निवास मातुश्री पर लोगों का आना जाना लगा हुआ है. बाल ठाकरे ने इस मुद्दे पर पार्टी की एक बैठक बुलाई है लेकिन राज ठाकरे ने कहा है कि उन्हें इस तरह की किसी बैठक की जानकारी नहीं है. इस बीच उद्धव ठाकरे ने ऐसे कोई संकेत नहीं दिए हैं जिससे लगता हो कि वे किसी तरह के समझौते के लिए तैयार हैं. बाल ठाकरे के उत्तराधिकार को लेकर उनके बेटे उद्धव ठाकरे और उनके भतीजे राज ठाकरे के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है. रविवार को राज ठाकरे ने खुलकर सामने आते हुए शिवसेना के सभी पदों से इस्तीफ़ा देने की घोषणा की थी. पार्टी में कामकाज पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा है कि पिछले दस सालों से पार्टी में उनकी उपेक्षा हो रही थी. इससे पहले राज ठाकरे ने बाल ठाकरे के बेटे और शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के ख़िलाफ़ एक पत्र बाल ठाकरे को लिखा था इसके बाद उन्हें मनाने की असफल कोशिशें भी हुईं. वे शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य थे और पार्टी के युवा संगठन और विद्यार्थी सेना का नेतृत्व कर रहे थे. उद्धव का बयान राज ठाकरे की इस घोषणा के बाद शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए उल्टे राज ठाकरे पर आरोप लगाए. उन्होंने राज ठाकरे की तुलना नारायण राणे से की. उन्होंने कहा, "यदि आप आँखें मूंद लें और राज ठाकरे को सुनें को ऐसा लगेगा कि नारायण राणे बोल रहे हैं." उल्लेखनीय है कि नारायण राणे पार्टी के वरिष्ठ नेता थे और उद्धव ठाकरे की कार्यप्रणाली के प्रति नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया था और कांग्रेस में शामिल हो गए थे. पिछले दिनों हुए उपचुनाव में नारायण राणे ने शिवसेना की तमाम कोशिशों के बावजूद भारी भरकम जीत दर्ज की थी. माना जा रहा है कि शिवसेना की इस हार के कारण ही राज और उद्धव ठाकरे के बीच विवाद एक बार फिर सतह पर आ गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें राज ठाकरे ने शिवसेना के पद छोड़े27 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नारायण राणे की भारी भरकम जीत22 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस शिवसेना में बेटा-भतीजा विवाद चरम पर17 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस राणे ने इस्तीफ़ा दिया, कदम नए नेता12 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस नारायण राणे शिवसेना से निष्कासित03 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस मुंबई पुलिस की ठाकरे के विरुद्ध कार्रवाई31 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस 'अयोध्या: मंगल पांडे का स्मारक बना दो'02 जुलाई, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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