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नारायण राणे की भारी भरकम जीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शिवसेना के विद्रोही नेता नारायण राणे ने मालवण विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में भारी जीत दर्ज की है. वहाँ शिवसेना के उम्मीदवार अपनी ज़मानत नहीं बचा पाए हैं. नारायण राणे ने चुनाव 63 हज़ार मतों से जीती है. कांग्रेस में शामिल होकर राज्य में मंत्रिमंडल में शामिल हो गए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री राणे ने कहा है कि अब मालवण कांग्रेस का गढ़ हो गया है और वहाँ से शिवसेना का सफ़ाया हो गया है. इस साल जुलाई में शिवसेना प्रमुख से मतभेदों के बाद नारायण राणे ने विधानसभा में शिवसेना विधायक दल के नेता पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. बाद में शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था. नारायण राणे ने इसके बाद कांग्रेस की सदस्या ले ली थी और देशमुख मंत्रिमंडल में शामिल हो गए थे. उपचुनाव में नारायण राणे के ख़िलाफ़ शिवसेना ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी थी लेकिन नारायण राणे की पुरानी सीट से उन्हें हरा पाना संभव नहीं हुआ. राणे ने अपनी पुरानी पार्टी शिवसेना के उम्मीदवार और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी की ज़मानत ज़ब्त करवा दी. जैसा कि राणे ने इस जीत के बाद कहा है वे उम्मीद कर रहे हैं कि इसके बाद शिवसेना के और विधायक शिवसेना से इस्तीफ़ा देकर उनके पास आएँगे. | इससे जुड़ी ख़बरें शिवसेना में बेटा-भतीजा विवाद चरम पर17 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस राणे के काँग्रेस में शामिल होने की तैयारी22 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस राणे ने इस्तीफ़ा दिया, कदम नए नेता12 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा11 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस नारायण राणे शिवसेना से निष्कासित03 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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