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राणे के काँग्रेस में शामिल होने की तैयारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शिवसेना से निष्कासित नेता नारायण राणे ने संकेत दिए हैं कि वो काँग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं. राणे ने शुक्रवार को काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और अन्य काँगेसी नेताओं से मुलाक़ात की. इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वो शनिवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे देंगे और सोमवार को अपने अगले क़दम की आधिकारिक रूप से घोषणा करेंगे. पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में शिवसेना ने राणे को निष्कासित कर दिया था. इसके बाद उन्हें विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था. इसके पहले तक नारायण राणे दावा कर रहे थे कि विधायकों का बहुमत उनके पास है इसलिए वे इस्तीफ़ा नहीं देंगे. हालांकि उन्होंने घोषणा की थी कि वे शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे और उनके बेटे उद्धव ठाकरे के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. उल्लेखनीय है कि शिवसेना के कोई 50 विधायकों ने सात जुलाई को एक बैठक करके रामदास कदम को अपना नया नेता चुन लिया था. ये सभी विधायक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के समर्थक हैं. नारायण राणे लगातार 22 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे थे लेकिन कभी भी वे 10-11 सदस्यों से ज़्यादा सदस्यों का समर्थन दिखा नहीं सके. उल्लेखनीय है कि नारायण राणे पार्टी में अपनी कथित उपेक्षा से नाराज़ थे और इसके लिए वे उद्धव ठाकरे को दोषी ठहरा रहे थे. लेकिन तीन जुलाई को शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने उन्हें शिवसेना से निष्कासित करने की घोषणा करते हुए विधायक दल के नेता पद से इस्तीफ़ा देने को कहा था. |
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