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राणे ने इस्तीफ़ा दिया, कदम नए नेता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण राणे ने आख़िरकार अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. इसके बाद रामदास कदम नेता प्रतिपक्ष चुने गए हैं और विधानसभा अध्यक्ष बाबासाहेब कोप्पिकर ने उन्हें मान्यता दे दी है. इसके बाद हुए हंगामे के बाद विधानसभा की बैठक स्थगित करनी पड़ी है. इस बीच 23 शिवसेना विधायकों के निष्कासन को लेकर नारायण राणे की याचिका पर विधानसभा अध्यक्ष का फ़ैसला भी आना है. हालाँकि इसमें अभी कुछ समय लगने के आसार हैं. शिवसेना से निष्कासित किए जाने के बाद से नारायण राणे को शिवसेना विधायक दल के नेता पद से इस्तीफ़ा देने को कहा जा रहा था. सोमवार तक नारायण राणे दावा कर रहे थे कि विधायकों का बहुमत उनके पास है इसलिए वे इस्तीफ़ा नहीं देंगे. मंगलवार को इस्तीफ़ा देने के बाद भी उन्होंने कहा है कि वे अभी भी असली शिवसेना विधायक दल ने नेता हैं. उन्होंने घोषणा की है कि वे शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे और उनके बेटे उद्धव ठाकरे के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. नया नेता नारायण राणे के इस्तीफ़े के बाद रामदास कदम के नेता प्रतिपक्ष बनने का रास्ता साफ़ हो गया था. उल्लेखनीय है कि शिवसेना के कोई 50 विधायकों ने सात जुलाई को एक बैठक करके रामदास कदम को अपना नया नेता चुना था. ये सभी विधायक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के समर्थक थे. नारायण राणे लगातार 22 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे थे लेकिन कभी भी वे 10-11 सदस्यों से ज़्यादा सदस्यों का समर्थन दिखा नहीं सके. उधर सोमवार को नारायण राणे ने 23 शिवसेना विधायकों के निष्कासन के लिए विधानसभा सचिवालय में एक याचिका दायर की थी जिसे विधानसभा अध्यक्ष बाबासाहेब कोप्पिकर ने स्वीकार कर लिया था. अपनी याचिका में नारायण राणे ने कहा था कि ये विधायक उस बैठक में नहीं आए थे जो उन्होंने विधायक दल के नेता के रुप में आठ जुलाई को बुलाई थी. इसके बाद शिवसेना के कुछ विधायकों ने सदन में ख़ूब हंगामा किया था और बैठक मंगलवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी. महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से ही शुरु हुआ है. उल्लेखनीय है कि नारायण राणे पार्टी में अपनी कथित उपेक्षा से नाराज़ थे और इसके लिए वे उद्धव ठाकरे को दोषी ठहरा रहे थे. लेकिन तीन जुलाई को शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने उन्हें शिवसेना से निष्कासित करने की घोषणा करते हुए विधायक दल के नेता पद से इस्तीफ़ा देने को कहा था. |
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