|
शिवसेना में बेटा-भतीजा विवाद चरम पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र में शिवसेना की आंतरिक राजनीति गहरा गई है. ठाकरे परिवार के दो उत्तराधिकारी राज और उद्धव ठाकरे आमने-सामने हैं. उद्धव ठाकरे शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के बेटे हैं और राज ठाकरे उनके भतीजे हैं. राज ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत में शिव सेना से 'निष्क्रिय' लोगों को निकाले जाने की माँग की थी. माना जा रहा है कि उनका निशाना सेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे थे. इसके पहले पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में राज ठाकरे पर निशाना साधा गया था. ख़बरें हैं कि 'सामना' के संपादक संजय राउत उद्धव ठाकरे के क़रीबी हैं. राज ठाकरे ने संजय राउत की भी आलोचना की थी. हाल में शिवसेना से निष्कासित और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे भी इस विवाद में कूद पड़े. शिवसेना से निष्कासन के बाद अब नारायण राणे काँग्रेस में हैं. लेकिन वो खुलकर राज ठाकरे के समर्थन में आ गए और उन्होंने कहा कि राज ठाकरे का बयान उनकी बात का समर्थन करता है. उल्लेखनीय है कि नारायण राणे पार्टी में अपनी कथित उपेक्षा से नाराज़ थे और इसके लिए वे उद्धव ठाकरे को दोषी ठहरा रहे थे. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने उन्हें शिवसेना से निष्कासित कर दिया था और उनसे विधायक दल के नेता पद से इस्तीफ़ा देने को कहा था. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने मंगलवार को उद्धव ठाकरे और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी के साथ बातचीत की थी. बाद में पत्रकारों से बातचीत में मनोहर जोशी ने कहा कि पार्टी में सेना प्रमुख बाल ठाकरे सर्वोपरि हैं. उनका कहना था, '' यदि दोनों भाइयों के बीच कुछ मुद्दे हैं तो उनको सुलझाया जा सकता है.'' |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||