BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 27 नवंबर, 2005 को 10:28 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
राज ठाकरे ने शिवसेना के पद छोड़े
बाल ठाकरे
बाल ठाकरे की विरासत को लेकर राज और उद्धव में खींचतान बरसों पुरानी है
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के भतीजे राज ठाकरे ने शिवसेना में अपने पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है.

पार्टी में कामकाज पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा है कि पिछले दस सालों से पार्टी में उनकी उपेक्षा हो रही थी.

इसके बाद राज ठाकरे के समर्थकों ने 'सामना' के संपादक और शिवसेना नेता संजय राउत की कार पर हमला किया.

दो दिन पहले राज ठाकरे ने बाल ठाकरे के बेटे और शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के ख़िलाफ़ एक पत्र बाल ठाकरे को लिखा था इसके बाद उन्हें मनाने की कोशिशें भी हुईं लेकिन आज उन्होंने इस्तीफ़े की घोषणा कर दी.

वे शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य थे और पार्टी के युवा संगठन और विद्यार्थी सेना का नेतृत्व कर रहे थे.

इस बीच उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का न्यौता भी मिला लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी पार्टी में शामिल नहीं होने जा रहे हैं.

इस्तीफ़ा देते हुए उन्होंने पार्टी की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

उल्लेखनीय है कि बाल ठाकरे के बेटे और भतीजे के बीच विवाद पुराना है और इसी साल अगस्त में यह एक बार फिर सतह पर आया था लेकिन बाल ठाकरे की मध्यस्थता के बाद इस विवाद को दबा दिया गया था.

लेकिन इसके बाद उद्धव ठाकरे की कार्यप्रणाली और अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था और कांग्रेस में शामिल हो गए थे. पिछले हफ़्ते ही शिवसेना की कोशिशें के बावजूद राणे ने उपचुनाव में भारी भरकम जीत दर्ज की थी.

इस्तीफ़ा

मालवण में नारायण राणे की इस जीत के बाद राज और उद्धव ठाकरे के बीच विवाद एक बार फिर सतह पर उभरा और उन्होंने पार्टी प्रमुख बाल ठाकरे को उद्धव ठाकरे के ख़िलाफ़ एक चिठ्ठी लिखी.

ऐसी ही एक चिट्ठी गत अगस्त में राज ठाकरे ने और लिखी थी इसमें उद्धव ठाकरे का ज़िक्र किए बिना कहा कहा गया था कि पार्टी के निष्क्रिय लोगों को पार्टी से निकाल देना चाहिए.

उस समय उद्धव के क़रीबी और पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादक संजय राउत ने राज ठाकरे के ख़िलाफ़ टिप्पणियाँ भी प्रकाशित की थी.

मुंबई में एक आमसभा में रविवार को राज ठाकरे ने कहा, "शिवसेना का गठन मेरे जन्म से पहले हो चुका था और शिवसेना मेरे ख़ून में है."

उन्होंने कहा, "शिवसेना में अब दलाल आ गए हैं जो पहले नहीं थे."

उन्होंने कहा कि वे पिछले दस सालों से उपेक्षा के शिकार हैं लेकिन वे पार्टी के हित में चुपचाप थे.

राज ठाकरे ने कहा कि इस्तीफ़े का फ़ैसला उनका अपना है और वे इसके लिए किसी को दोषी नहीं ठहरा रहे हैं.

राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि उनके इस क़दम के बाद अब पार्टी राज ठाकरे के ख़िलाफ़ निष्कासन जैसी कोई कार्रवाई कर सकती है.

इससे जुड़ी ख़बरें
नारायण राणे की भारी भरकम जीत
22 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस
शिवसेना में बेटा-भतीजा विवाद चरम पर
17 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस
राणे ने इस्तीफ़ा दिया, कदम नए नेता
12 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस
नारायण राणे शिवसेना से निष्कासित
03 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>