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'कचरे और मलबे हो सकते हैं ख़तरनाक' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि आठ अक्तूबर को पाकिस्तान में आए भूकंप के बाद मलबे और कचरे के कारण लोगों के स्वास्थ्य को ख़तरा हो सकता है. संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण कार्यक्रम के अधिकारी शफ़क़त काकाखेल ने कहा कि बड़ी मात्रा में मलबे और कचरे इकट्ठा हो गए हैं और इसके लिए अगर ठीक से व्यवस्था नहीं हुई तो ये ज़हरीले हो जाएँगे. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर ख़तरा पैदा हो सकता है. काकाखेल ने कहा कि कचरों के कारण पानी के स्रोत भी दूषित हो सकते हैं. उन्होंने पाकिस्तान की सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार इसकी व्यवस्था करे कि पुनर्निर्माण कार्यों के लिए वृक्षों की कटाई न हो. पाकिस्तान के पर्यावरण मंत्री ताहिर इक़बाल ने भी कहा है कि भविष्य में भू-स्खलन न हो, इसके लिए वृक्षारोपण बहुत ज़रूरी है. उन्होंने कहा, "जिन इलाकों में वृक्ष ज़्यादा थे वहाँ भू-स्खलन नहीं हुआ लेकिन जहाँ वृक्ष ज़्यादा नहीं थे वहाँ गाँव के गाँव तबाह हो गए और उनका नामोनिशान मिट गया." आठ अक्तूबर को आए भूकंप के कारण पाकिस्तान में 73 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे और भारतीय कश्मीर में 1400 लोगों की मौत हो गई थी. भूकंप के कारण लाखों लोग बेघर हो गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान को उम्मीद से ज़्यादा राशि19 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा पार करने का सिलसिला शुरु19 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'कश्मीर का हल हमेशा के लिए हो जाए'19 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'भारत-पाक सहयोग को बढ़ावा दें'18 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भूकंप पीड़ितों के लिए मदद की गुहार17 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस आर-पार जाने की तारीख़ें घोषित17 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस आख़िरकार घर वापसी संभव हुई17 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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