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जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक निलंबित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जेल पर माओवादी चरमपंथियों के हमले और 341 क़ैदियों के फ़रार हो जाने के बाद बिहार सरकार ने जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार को निलंबित कर दिया है. राज्यपाल बूटासिंह ने इस घटना की जाँच के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बना दी है जो एक हफ़्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट दे देगी. इस बीच जहानाबाद में तनाव का माहौल है और दो संगठनों ने बंद का आव्हान किया है. जहानाबाद में रविवार रात को गोली-बारूद से लैस लगभग 500 माओवादी विद्रोहियों ने पुलिस लाईन और जेल पर धावा बोल दिया. जेल पर हुए हमले के बाद वहाँ से 341 क़ैदी या तो भाग गए या उनको भगा लिया गया. कार्रवाई बिहार के राज्यपाल बूटासिंह ने पटना में अपने दो प्रशासनिक सहायक मुख्य सचिव जीएस कंग और पुलिस महानिदेशक आशीष रंजन सिन्हा ने एक पत्रकारवार्ता को संबोधित किया. पुलिस महानिदेशक सिन्हा ने कहा कि जहानाबाद में जेल पर हमले की जो भी ख़ुफ़िया जानकारी थी उसे ज़िला पुलिस को दे दिया गया था. उन्होंने कहा कि यह ज़िला पुलिस की विफलता थी कि उसने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. राज्यपाल ने इस घटना के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए ज़िला पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार को निलंबित कर दिया है. उनके स्थान पर बच्चू सिंह मीणा को नया पुलिस अधीक्षक बनाने की घोषणा की गई है. लेकिन इसके अलावा राज्य प्रशासन ने एसके भारद्वाज विशेष आईजी नियुक्त कर विशेष प्रभार के साथ भेजा जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि भारद्वाज को मध्य बिहार के इलाक़ों में नक्सली गतिविधियों की अच्छी जानकारी है और वे पहले इस क्षेत्र में कार्य कर चुके हैं. इस बीच राज्यपाल ने राज्य के सिंचाई विभाग के सचिव वी जयशंकर और रेलवे के डीआईजी एसी वर्मा की दो सदस्यीय समिति बना दी है जो प्रशासन की विफलता की जाँच करेगी. यह रिपोर्ट एक हफ़्ते के भीतर केंद्र सरकार को भेज दी जाएगी. बारह अगुवा राज्य प्रशासन ने पहली बार स्वीकार किया कि माओवादी हमलावर अपने साथ रणवीर सेना के बारह लोगों को अगुवा करके ले गए. इससे पहले सिर्फ़ अगुवा किए गए लोगों की संख्या के संबंध में दावे प्रतिदावे चल रहे थे और प्रशासन ने चुप्पी साध रखी थी. प्रशासन ने बताया कि रणवीर सेना के नेता बड़े शर्मा की जेल परिसर में हत्या कर दी गई थी और एक और सदस्य विश्वेश्वर राय की लाश पुलिस को मिली है. बताया गया है कि रणवीर सेना के 10 लोग अभी भी लापता हैं और अब पुलिस का ध्यान इन्हीं पर केंद्रित है. बंद और दबाव इस बीच भारतीय जनता पार्टी से जुड़े दो संगठनों, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा ने प्रशासन की विफलता के ख़िलाफ़ बंद का आव्हान किया है.
जहानाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर का कहना है कि सुबह से दोनों संगठनों के कार्यकर्ता शहरों में निकल आए थे और उन्होंने घूमघूमकर दुकानें बंद करवाईं और रास्ते में वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की. उनका कहना है कि 11 बजे से पहले तक तो कार्यकर्ता मनमानी करते रहे और कहीं भी पुलिस उन्हें रोकती हुई दिखाई नहीं पड़ी. लेकिन जब तनाव बढ़ने लगा तो पुलिस ने कार्रवाई शुरु की. बीबीसी संवाददाता के अनुसार अभी भी शहर में तनाव है और रणवीर सेना के कथित रुप से अगुवा किए गए लोगों के रिश्तेदारों ने प्रशासन पर दबाव बनाया हुआ है. राज्य सरकार ने अर्धसैनिक बलों की 25 कंपनियों की मांग बिहार के लिए की थी लेकिन केंद्र ने इसके जवाब में छह कंपनियाँ वहाँ रवाना कर दी हैं. राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से भी अनुरोध किया है कि वह 600 कंपनियों में से कम से कम पाँच बिहार सरकार को दे दे. उल्लेखनीय है कि बिहार में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं और अभी वहाँ चौथे और अंतिम चरण का मतदान होना शेष है. | इससे जुड़ी ख़बरें जेल पर माओवादी हमला, पाँच की मौत14 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस होमगार्ड जवानों पर हमला, पाँच की मौत11 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले में 15 लोग मारे गए12 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर प्रतिबंध05 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस आँध्र प्रदेश में गिरफ़्तारियाँ19 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस आंध्र में विधायक सहित दस की हत्या15 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस नक्सली हिंसा से निपटने के लिए बैठक17 जून, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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