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नक्सली हिंसा से निपटने के लिए बैठक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नक्लसी हिंसा की समस्या से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में 13 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक शुरू हुई है. इस बैठक की अध्यक्षता गृह सचिव वीके दुग्गल कर रहे हैं और इसमें प्रभावित राज्यों के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक हिस्सा ले रहे हैं. आंध्र प्रदेश के अलावा इस बैठक में तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, उड़ीसा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल और महाराष्ट्र के अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक स्वर्णजीत सेन का कहना था कि इस बैठक में एक संयुक्त रणनीति तैयार की जाएगी. साथ ही सभी राज्य जानकारियों का आदान-प्रदान करेंगे. इस बैठक में नक्सली हिंसा से प्रभावित राज्यों की पुलिस के प्रशिक्षण के लिए विशेष सहायता देने, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया- माओवादी पर देश भर में प्रतिबंध लगाने पर भी चर्चा हो सकती है. अभी तक कुछ राज्यों में ही इस संगठन पर प्रतिबंध लागू है. बैठक बारूदी सुंरगरोधी वाहन के उपयोग पर भी चर्चा होगी. इस मेडक की एक फैक्ट्री में तैयार किया गया है और छत्तीसगढ में इसका परीक्षण किया जा रहा है. आंध्र प्रदेश में सरकार और माओवादी पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ था. पर शांतिवार्ताओं के बावजूद नक्सली नेता और छापामार हथियार छोड़ने पर राज़ी नहीं हुए थे. आंध्र प्रदेश के तेलंगाना इलाक़े में माओवादी आंदोलन काफ़ी मज़बूत है. |
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