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'केंद्र अपनी नक्सल नीति की समीक्षा करे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपील की है कि वे केंद्र सरकार की नक्सल नीति की समीक्षा करें और प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएँ. झारखंड में चुनाव प्रचार करने आए लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश भर में बड़े पैमाने पर भड़की नक्सली हिंसा का कारण है केंद्र सरकार द्वारा पिछली सरकार की नक्सल नीति को बदलना. शनिवार को ही बिहार में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेकैंया नायडू के हेलिकॉप्टर पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था. लेकिन नायडू को कोई चोट नहीं आई. आडवाणी ने कहा, "मैं मानता हूँ कि यह पूर्व नीतियों को त्याग देने के कारण हो रहा है. एनडीए की सरकार किसी के साथ बातचीत के ख़िलाफ़ नहीं थी लेकिन हमने इस बात पर हमेशा बल दिया कि बातचीत उन्हीं संगठनों के साथ होगी जो हिंसा का साथ छोड़ दें." आलोचना आडवाणी ने आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा पीपुल्स वार ग्रुप से प्रतिबंध हटाने की भी आलोचना की. दूसरी ओर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा है कि उनके हेलिकॉप्टर पर हुए हमले ने बिहार में हो रहे चुनाव की पोल खोल दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में प्रशासन अभी भी लालू प्रसाद यादव के प्रति वफ़ादार है. उन्होंने कहा, "बिहार में जिस तरह की भयावह स्थिति है इसका उदाहरण मैंने ख़ुद अनुभव किया. मुझे वहाँ स्थानीय लोगों की मदद लेकर 13 किलोमीटर स्कूटर से यात्रा करनी पड़ी. जब मैं नेशनव हाईवे पर पहुँचा तो पुलिस वहाँ मेरा इंतज़ार कर रही थी." नायडू ने बताया कि पुलिस ने कहा कि वहाँ नक्सलियों का प्रभाव ज़्यादा है. इस कारण वे लोग वहाँ नहीं आ पाए. भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग का दरवाज़ा भी खटखटाने का मन बनाया है. |
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