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मंगलवार, 15 नवंबर, 2005 को 15:37 GMT तक के समाचार
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जहानाबाद में अराजकता और तनाव

बिहार पुलिस
बिहार पुलिस के कर्मचारियों ने एसपी के निलंबन का विरोध किया
बिहार के जहानाबाद शहर में जेल पर नक्सली हमले के बाद दूसरे दिन मंगलवार को भी वहाँ अराजकता की स्थिति बनी हुई है.

रविवार रात की घटना के बाद जहानाबाद का दौरा करने वाले पुलिस प्रमुख और राज्य के मुख्य सचिव को पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों के विरोध का सामना करना पड़ा है.

पुलिसकर्मियों ने जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक को लापरवाही के आरोप में निलंबित करने के फ़ैसले का जमकर विरोध किया और नारे लगाए.

जहानाबाद जेल पर हमले के बाद स्थानीय पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार को निलंबित करने की घोषणा की गई थी लेकिन पुलिसकर्मियों का कहना है कि उन्हें बेवजह 'बलि का बकरा' बनाया जा रहा है.

लेकिन राज्य प्रशासन की बागडोर संभाल रहे राज्यपाल बूटा सिंह ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन ने मामले में ढील बरती थी जिसकी वजह से इतनी बड़ी घटना हुई.

राजधानी पटना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ख़ुफ़िया विभाग ने इस तरह के हमले की आशंका प्रकट की थी और इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों को दी गई थी लेकिन उन्होंने कोई एहतियाती कार्रवाई नहीं की.

राज्यपाल ने कहा कि जेल प्रशासन ने भी अपनी भूमिका निभाने में कोताही बरती.

राज्य के मुख्य सचिव जीएस कंग ने कहा है कि एक दो सदस्यीय प्रांतीय समिति मामले की जाँच कर रही है और सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इस समिति में रेलवे और सिंचाई विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारी हैं.

प्रदर्शन

जेल से नक्सली क़ैदियों को रिहा कराने और रणवीर सेना से जुड़े क़ैदियों को पकड़कर ले जाने की घटना के विरोध में मंगलवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बंद का आह्वान किया था.

प्रदर्शनकारियों ने उस इमारत के बाहर भी प्रदर्शन किया जहाँ मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुख ठहरे थे. उनके ख़िलाफ़ वापस जाओ, वापस जाओ के नारे लगाए गए.

केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के जवानों ने दोपहर बाद प्रदर्शनकारियों पर लाठियाँ बरसाईं और भीड़ को खदेड़ दिया.

जहानाबाद में पुलिस की भूमिका को लेकर काफ़ी रोष है और स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस पूरी तरह नाकाम रही है.

इस बीच केंद्र सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए केंद्रीय बलों के छह सौ जवानों को रवाना किया है.

जहानाबाद में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और जमींदारों का समर्थन करने वाले हथियारबंद गुट रणवीर सेना ने नक्सलियों से बदला लेने की धमकी दी है.

रविवार की रात को लगभग एक हज़ार हथियारबंद नक्सलियों ने जहानाबाद शहर की मुख्य जेल पर धावा बोलकर तीन सौ से अधिक लोगों को छुड़ा लिया था और रणवीर सेना से जुड़े अनेक लोगों को अपने साथ ले गए थे.

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