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'लोगों को सर्दी से बचाना है प्राथमिकता' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि दक्षिण एशिया में आए भूकंप के बाद अब राहत कार्यों के तहत लोगों को सर्दी से बचाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र के आपादा समन्वय अधिकारी ने आगाह किया है कि तीस लाख बेघर लोगों से में ज़्यादातर लोग सर्दी का मौसम होने शुरू से ख़तरे में पड़ सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र अधिकारी जान वांडेमूरटेली ने कहा कि भूकंप प्रभावित लोगों को इससे बचाने के लिए बहुत कम क़दम उठाए गए हैं. उन्होंने एएफ़पी को बताया कि अगले बड़ी समस्या लोगों को सर्दी से बचाने की है. संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने कहा कि लोगों को स्टोव, केरोसीन और गैस की आपूर्ति करना अब पहली प्राथमिकता है. पाकिस्तानी सेना के ब्रिगेडियर ग़ज़ानफ़र अली ने भी कहा है कि कम से कम दो लाख हीटरों की ज़रूरत है. एक अन्य संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने कहा कि पैसे की कमी के चलते ये तय करना होगा कि किसे पहले मदद की ज़्यादा ज़रूरत है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसे 55 करोड़ डॉलर की ज़रूरत है लेकिन उसे 13 करोड़ डॉलर ही मिले हैं. इससे पहले राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा था कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लिए बहुत कम मदद मिली है और ये दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दोहरे मापदंड हैं. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने अमरीका से एफ़-6 विमानों की ख़रीद पर भी फ़िलहाल रोक लगाने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि इस वक़्त भूकंप पीड़ितों पर संसाधन लगाने की ज़रूरत है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक़ भूकंप में 74000 लोग मारे गए हैं. उधर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा सात नवंबर को केवल एक ही स्थान पर खुलेगी. अन्य दो स्थानों को बाद में खोला जाएगा. बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी ने बताया है कि अधिकारियों ने कहा है कि ये स्पष्ट नहीं है कि लोग सीमा पार कर सकेंगे या नहीं क्योंकि उनके आवेदनों पर अभी काम चल रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें सात को एक जगह खुलेगी नियंत्रण रेखा05 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मृतकों की संख्या 73 हज़ार से ज़्यादा02 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'भूकंप में 17 हज़ार बच्चों की मौत'31 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा सात नवंबर से खुलेगी29 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस राहत कार्यों पर पैसे की कमी की मार28 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस राहत कार्यों पर पैसे की कमी की मार28 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस सिखों का दल मदद करने पहुँचा 26 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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