|
नियंत्रण रेखा खुलने का लोगों को इंतज़ार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के लोगों को नियंत्रण रेखा खुलने का बेसब्री से इंतज़ार है. बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी के अनुसार नियंत्रण रेखा के नज़दीक भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में पुँछ के नज़दीक एक एक ऐसा ही केंद्र प्रस्तावित है. मंगलवार को वहाँ लोग बैनर आदि लेकर जमा हुए थे. इधर भारत ने घोषणा की है कि वह तीन स्थानों से नियंत्रण रेखा खोले जाने के लिए तैयार है. लेकिन पाकिस्तान की ओर से इस बारे में अभी कोई संकेत न मिलने के कारण लोगों को निराशा हाथ लगी. बीबीसी संवाददाता के अनुसार नियंत्रण रेखा के नज़दीक भारतीय सेना ने चिकित्सा केंद्र स्थापित कर दिया है और खाने का इंतज़ाम भी किया है. भारतीय सेना के डॉक्टरों का कहना है कि वह नियंत्रण रेखा के पास तीतवाल में एक कैंप बना रहे हैं जहाँ भूकंप में घायल हुए लोगों का इलाज किया जा सकेगा. उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान में यह सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है कि भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए नियंत्रण रेखा को खोल दिया जाए. भारत ने तीन स्थानों पर नियंत्रण रेखा को खोलने का प्रस्ताव किया है जबकि पाकिस्तान ने पाँच स्थानों का सुझाव दिया है. इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी हैं. आठ अक्तूबर को आए तूफ़ान से दोनों ओर के कश्मीर और पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में 50 हज़ार से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं. बातचीत भारत और पाकिस्तान इस संबंध में आधिकारिक रूप से 29 अक्टूबर को इस्लामाबाद में बातचीत करनेवाले हैं. समचार एजेंसी पीटीआई ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से बताया है कि नियंत्रण रेखा खोलने संबंधी बातचीत के लिए भारत के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव दिलीप सिन्हा 28 अक्टूबर को इस्लामाबाद पहुँच रहे हैं. दूसरी ओर भारतीय सेना ने कहा है कि भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त हो गई सड़कों और पुलों के बावजूद नियंत्रण रेखा के क़रीब राहत शिविर शुरु करने में कोई परेशानी नहीं होगी. सेना के डॉक्टरों के अनुसार तीतवाल के राहत शिविर में घायलों का ऑपरेशन करने की भी सुविधा होगी. सेना ने कहा है कि भूकंप पीड़ितों के भारत प्रशासित कश्मीर में आने का रास्ता बनाने के लिए उनके इंजीनियर किशनगंगा नहर पर पुल बनाने को भी तैयार हैं. अधिकारियों का कहना है कि अभी यह काम इसलिए शुरु नहीं किया गया है क्योंकि पाकिस्तानी सेना ने इस्लामाबाद से अनुमति मिलने तक उन्हें रुकने को कहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें नियंत्रण रेखा के पास राहत शिविर तैयार24 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस दो लाख लोगों को बचाने की सिफ़ारिश 24 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा खोलने का प्रस्ताव22 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस सीमा खोलने की तैयारी के निर्देश22 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नैटो पाकिस्तान की मदद के लिए पहुँचा20 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस भूकंप के बाद भी कूटनीति जारी18 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस भूकंप से बचे लोगों के सामने नई चुनौती18 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||