BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 16 अक्तूबर, 2005 को 16:13 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
ग़रीबों को भी साथ लेकर चलना होगा

स्वराज पॉल
स्वराज पॉल ने शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की बात कही
सुपरिचित उद्योगपति और ब्रिटिश सांसद लॉर्ड स्वराज पॉल का कहना है कि भारत का विकास तब तक सार्थक नहीं हो सकता जब तक ग़रीबों को इसका लाभ न मिले.

आपकी बात बीबीसी के साथ कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों के जवाब देते हुए लॉर्ड पॉल ने कहा कि भारत को दो क्षेत्रों में विशेष ध्यान देना होगा, एक शिक्षा और दूसरा स्वास्थ्य.

उन्होंने कहा कि विकास में तेज़ी लाने के लिए भारत के सभी लोगों को एक साथ प्रयास करना होगा और अपने सोचने का तरीक़ा बदलना होगा.

एक सवाल के जवाब में स्वराज पॉल ने कहा भारत के लिए निर्माण उद्योग बहुत ज़रुरी है.

उन्होंने कहा, "मैं बरसों से मानता रहा हूँ कि निर्माण यानी मैनुफ़ैक्चरिंग उद्योग को आगे बढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि इसी के सहारे भारत चीन से मुक़ाबला कर सकता है."

उनका कहना था कि निर्माण उद्योग को सूचना प्रोद्योगिकी की तुलना में इसलिए भी प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि इसमें स्थाई रोज़गार पैदा करने की क्षमता अधिक है.

उन्होंने कहा, "भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ सका क्योंकि इस पर सरकारी नियंत्रण नहीं था और यदि सरकार इसे समझ पाती तो यह क्षेत्र भी आगे नहीं बढ़ पाता."

उद्योगपति पॉल ने कहा कि इससे यह भी समझ में आता है कि सरकारों को नियंत्रण कम करना चाहिए.

दृष्टिकोण

स्वराज पॉल ने कहा कि सरकार को और लोगों को अपना नज़रिया बदलने की ज़रूरत है.

विदेशी निवेश के लिए अच्छा भविष्य बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को यह कहना बंद करना होगा कि यदि भारत में उद्योग लगाना है तो एक भारतीय पार्टनर ढूँढ़ना होगा.

 मेरी राय में भारत के पास ज्ञान और तकनीक की कमी नहीं है लेकिन भारतीयों की दिक्क़त यह है कि वे इस पर विदेशी लेबल लगाए बिना इसे तरजीह नहीं देते
लॉर्ड स्वराज पॉल

उन्होंने ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ यदि कोई विदेशी उद्योगपति उद्योग लगाता है तो उसे ब्रिटिश उद्योगपति कहा जाता है न कि विदेशी उद्योगपति.

उन्होंने कहा कि भारत को भ्रष्टाचार कम करना होगा और इसकी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ सरकार पर नहीं है क्योंकि भ्रष्ट सिर्फ़ सरकार नहीं है, वे लोग भी हैं जो काम करवाने के लिए पैसा देते हैं.

स्वराज पॉल का कहना था कि विकास में हर व्यक्ति को साथ लेना होगा और ग़रीबों को भी प्राथमिकता देनी होगी.

उन्होंने कहा, "यदि ग़रीबों को साथ नहीं लिया जाएगा तो आम चाहे जितनी तरक़्की करते रहिए उसका मज़ा नहीं आने वाला."

नज़रिया

एक सवाल के जवाब में उन्होंने इस धारणा को ग़लत बताया कि भारत के पास तकनीक नहीं है.

उन्होंने कहा, "मेरी राय में भारत के पास ज्ञान और तकनीक की कमी नहीं है लेकिन भारतीयों की दिक्क़त यह है कि वे इस पर विदेशी लेबल लगाए बिना इसे तरजीह नहीं देते."

उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी तकनीक़ को भी इज़्ज़त देना सीखना होगा.

लॉर्ड पॉल अपनी भारत यात्रा के दौरान इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बीबीसी के दिल्ली कार्यालय में आए थे.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>