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मनमोहन सिंह ने की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय कश्मीर में शनिवार को आए भूकंप से अत्यधिक प्रभावित दूर-दराज़ के इलाक़ो में अब राहत दल पहुँचने शुरु हो गए हैं लेकिन वहाँ सात-आठ गाँव अब भी कटे हुए हैं. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद के अनुसार राज्य में भूकंप से मरने वालों की संख्या 1400 है लेकिन अधिकारियों के अनुसार कई इलाक़ों में अब भी 500 लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उधर भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि मतभेदों से ऊपर उठकर, भारतीय उपमहाद्वीप में सभी भूकंप पीड़ितों के लिए सहायता राशि दें. भारत पाकिस्तान में भूकंप पीड़ितों के लिए भी राहत सामग्री की दूसरी खेप भेज रहा है जो दिल्ली से एक रेलगाड़ी के ज़रिए भेजी जा रही है. सेना का योगदान सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाक़ों में जो 500 लोग अब भी लापता हैं उनके बारे में पता नहीं है कि वे भूकंप में मारे गए या फिर सुरक्षित स्थानों तक पहुँच गए. भारतीय सेना ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य सचिव को थल सेना अध्यक्ष जनरल जेजे सिंह की ओर से भेजी गई राहत सामग्री सौंपी. इसमें एक लाख गर्म पैंट, एक लाख गर्म मोज़े, 51 हज़ार कोट, पाँच हज़ार गद्दे, तीन हज़ार कंबल इत्यादि शामिल हैं. सर्दी का मौसम शुरु होने और हज़ारों घरों के तबाह हो जाने से भारतीय कश्मीर में टेंटों की बहुत माँग है.
श्रीनगर- मुज़फ़्फ़राबाद सड़क दो महीने तक के लिए बंद रहेगी क्योंकि सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है और इन महीनों में मरम्मत की जाएगी. मनमोहन सिंह की अपील भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपील की है सब राष्ट्रवासी दिल खोलकर नियंत्रण रेखा के दोनो ओर के कश्मीरी भूकंप पीड़ितों के लिए धन-राशि दें. उन्होंने अपने बयान में कहा - "पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में लोगों ने उनका दर्द महसूस किया है जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के दोनो ओर और पाकिस्तान के कई हिस्सों में अपने परिजनों को भूकंप में खो दिया है." मनमोहन सिंह का कहना था, "प्रकृति का प्रकोप और मानवीय करुणा राजनीतिक हदों को नहीं पहचानते. ये हमारी संस्कृति है कि संकट की घड़ी में अपने लोगों और पड़ोसियों की मदद की जाए." उनका कहना था, "भारत सरकार ने तो पाकिस्तान सरकार को मदद करने की पेशकश की ही है लेकिन हमें विश्वास है कि भारत का समाज भी आगे आएगा और पीड़ितों को राहत और उनके पुनर्वास के लिए योगदान देगा." |
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