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यात्री लौटेंगे वाघा बॉर्डर के रास्ते | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने के बाद सरकार ने निर्णय लिया है कि पाक प्रशासित कश्मीर के लोगों को वाघा बॉर्डर के रास्ते लौटने की अनुमति दी जाए. केंद्र सरकार ने 40 लोगों को इसकी अनुमति दे दी है. ये लोग शनिवार को आए भूकंप के दो दिन पहले ही मुज़फ़्फ़राबाद से कारवाँ-ए-अमन बस के ज़रिए श्रीनगर पहुँचे थे. अधिकारियों ने कहा है कि श्रीनगर से मुज़फ़्फ़राबाद गए लोगों को भी वाघा के रास्ते वापस लौटने की अनुमति दिए जाने की संभावना है. दो दिन पहले ही श्रीनगर के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी एस श्रीरामलू ने बीबीसी को बताया था कि जब तक पूरा मार्ग ठीक नहीं हो जाता बस सेवा स्थगित कर दी गई है. यात्री रवाना ग़ौरतलब है कि इसी वर्ष सात अप्रैल को श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद और मुज़फ़्फ़राबाद-श्रीनगर बस सेवा शुरू की गई थी. नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के कश्मीरों को जोड़ने वाली इस सेवा की शुरुआत दोनों देशों के बीच चल रही संबंध सुधारने की कोशिशों के तहत की गई थी.
भारत प्रशासित कश्मीर में फँसे और नियंत्रण रेखा के पार अपने रिश्तेदारों को लेकर चिंतित 40 यात्रियों में से 27 यात्रियों को बुधवार की सुबह श्रीनगर से वाघा सीमा की ओर रवाना कर दिया गया है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि निर्णय लेते वक़्त मानवीय पहलुओं को प्राथमिकता दी जाएगी. इस भूकंप से मुज़फ़्फ़राबाद में भारी नुक़सान पहुँचा है और इससे श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद के रास्ते को भी बहुत नुक़सान पहुँचा है. जुला से कमान पोस्ट तक के नौ किलोमीटर रास्ते में कई जगह भूस्खलन से रास्ता बंद हो गया है. ख़बरें हैं कि नियंत्रण रेखा पर कमान पोस्ट पर बना अमन सेतु का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ है. उल्लेखननीय है कि इसी सेतु से होकर बसें नियंत्रण रेखा पार करती है. |
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