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गुरुवार, 13 अक्तूबर, 2005 को 08:11 GMT तक के समाचार
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'मदद न मिली तो मृतकों की संख्या बढ़ेगी'
भूकंप से लाखों बेसहारा हो गए हैं
राहत सामग्री शहरी इलाक़ों में पहुँच रही है लेकिन कई गाँवों तक मदद नहीं पहुँची
पाकिस्तान में भूकंप प्रभावित इलाक़ों का दौरा कर रहे एक वरिष्ठ संयुक्त राष्ट्र अधिकारी के वहाँ स्थिति गंभीर है और यदि पीड़ित लोगों को जल्द मदद न मिली तो मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान में भूंकप से मारे जाने वालों की संख्या 25 हज़ार बताई गई है.

प्राकृतिक आपदाओं में संयुक्त राष्ट्र के राहत कार्यों की देखरेख करने वाले प्रभारी अधिकारी यान हेग्लैन पाकिस्तान में स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार बीस लाख लोगों की रिहायश का प्रबंध करना है और दस लाख लोगों को तो तत्काल मदद की ज़रूरत है.

हेग्लैन का कहना था, "मैने ऐसी तबाही कभी नहीं देखी. छह दिन हो चुके हैं और हर रोज़ तबाही का आकार बढ़ता ही नज़र आता है."

उनका कहना है कि राहत अभियान में हेलिकॉप्टरों की संख्या को तिगुना करने की ज़रूरत है.

भारत-पाक मतभेद भुलाएँ

 कश्मीर मुद्दे पर सचमुच पुरानी रंजिश को भूल जाना चाहिए और हर तरफ़ से मदद के लिए खुला न्यौता होना चाहिए
संयुक्त राष्ट्र अधिकारी

हेग्लैन ने भारत और पाकिस्तान से भी आहवान किया है कि वे आपदा की इस घड़ी में मतभेद भुला दें और एकजुट होकर मुश्किल का सामना करें.

उनका कहना था, "कश्मीर मुद्दे पर सचमुच पुरानी रंजिश को भूल जाना चाहिए और हर तरफ़ से मदद के लिए खुला न्यौता होना चाहिए."

यान हेग्लैन ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद का दौरा किया है. ग़ौरतलब है कि मुज़फ़्फ़राबाद और उसके नज़दीक बालाकोट सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं.

हेग्लैन ने कहा, "दक्षिण एशिया क्षेत्र में भारत सबसे बड़ा देश है, मुश्किल की घड़ी में संसाधन मुहैया कराना उनका सिर्फ़ अधिकार ही नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी भी है."

हेग्लैन ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि कोई भी देश इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं का मुक़ाबला करने के लिए प्रभावशाली क़दम नहीं उठा रहा है.

जेन इगेलैंड
इगेलैंड ने एकजुटता की हिमायत की

उन्होंने कहा कि ऐसा कम ही देखने में आया है कि इतनी सारी मानवीय राहत एजेंसियाँ मदद के लिए तैयार खड़ी हों.

उधर भूकंप के छठे दिन भी पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में मलबे में दबे जीवित लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल शौक़त सुल्तान ने बीबीसी हिंदी से एक विशेष बातचीत में कहा, "हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है, बुधवार को भी हमने कुछ लोगों को मलबे से जीवित निकाला था."

जब उनसे पूछा गया कि क्या अब बचाव के बदले राहत कार्यों पर अधिक ध्यान नहीं दिया जा रहा है, इसके जवाब में उन्होंने कहा, "राहत और बचाव दोनों काम एक साथ चलेंगे, अगर हम एक व्यक्ति को भी बचा सकें तो हम पूरी कोशिश करेंगे."

इस बीच, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बुधवार की आधी रात के बाद भूकंप के झटके महसूस किए गए जिनसे दहशत फैल गई.

नक्शे पर भूकंप प्रभावित इलाक़े-


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