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मोदी विरोध के बीच आडवाणी की यात्रा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ स्वर अब तेज़ होने लगे हैं. भाजपा नेता मदनलाल खुराना ने पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी को हटाने की माँग की है. उनका कहना है कि मोदी को हटाकर गुजरात के दंगों के दाग धोए जा सकते हैं. खुराना का कहना है कि जिस तरह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए माफ़ी माँगी ली और जगदीश टाइटलर को मंत्रिमंडल से हटा दिया. उसी तरह नरेंद्र मोदी को हटा कर पार्टी को इस दाग को धो लेना चाहिए. उनका कहना है कि गुजरात दंगों के दोषी अब भी मुक्त रूप से घूम रहे हैं. खुराना का कहना है कि 'मोदी ने दंगों को नियंत्रित करने के बजाए उन्हें बढ़ावा दिया.' इस विरोध के बीच भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी शनिवार को गुजरात पहुँच रहे हैं. हालांकि लालकृष्ण आडवाणी ने मोदी विरोध के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है. शुक्रवार को आडवाणी कर्नाटक दौरे पर थे और उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया था. नरेंद्र मोदी विरोध की कमान गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेता केशुभाई पटेल ने संभाली हुई है. शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात की. अभी तक मोदी विरोधी नेताओं की आडवाणी से मुलाक़ात नहीं हुई है. करीबी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के क़रीबी माने जाते हैं और उन्होंने जिन्ना के बारे आडवाणी के बयान का समर्थन किया था.
भाजपा की राजनीति पर नज़र रखने वालों का मानना है कि मोदी पर हमला करने वाले परोक्ष रूप से आडवाणी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. आडवाणी गुजरात में कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे लेकिन उनका किसी मोदी विरोधी गुट के नेताओं से मिलने का कार्यक्रम नहीं है. लेकिन ऐसी ख़बरें हैं कि केशुभाई की पत्नी के स्वास्थ्य की जानकारी के लिए आडवाणी उनके घर जा सकते हैं. केशुभाई पटेल ने पत्रकारों से बातचीत में इस मुद्दे को एकदम टाल दिया, ''मैं नहीं जानता कि विधायक क्या चाहते हैं. '' माना जा रहा है कि आडवाणी को विहिप नेताओं से भी दो-चार होना पड़ सकता है. विहिप नेताओं ने जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष बताने के आडवाणी के बयान पर एक बार फिर इस्तीफ़े की मांग करनी शुरू कर दी है. ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में गुजरात भाजपा में मतभेद के स्वर तेज़ होने लगे हैं. कई वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की खुले तौर पर आलोचना की है. इनमें पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल भी शामिल हैं. |
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