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गुजरात बीजेपी में खींचतान बढ़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी में खींचतान बढ़ती जा रही है. मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ स्वर अब तेज़ होने लगे हैं. सोमवार को इसका नज़ारा उस समय देखने को मिला जब पार्टी के एक वरिष्ठ विधायक गोर्धन झड़पिया ने मंत्री के रूप में शपथ लेने से इनकार कर दिया. दरअसल मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया. 11 मंत्रियों को नए मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई. लेकिन जब पूर्व गृह राज्य मंत्री झड़पिया की बारी आई, तो झड़पिया अपनी सीट पर खड़े हुए और हाथ जोड़ लिए. बाद में झड़पिया ने पत्रकारों को बताया कि उनका मानना है कि मौजूदा स्वरूप में वे पार्टी गतिविधियों और जनता के साथ न्याय नहीं कर पाएँगे. पिछले कुछ महीनों में गुजरात बीजेपी में मतभेद के स्वर तेज़ होने लगे हैं. कई वरिष्ठ नेताओं ने तो मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की खुले तौर पर आलोचना की है. इनमें पूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल भी शामिल हैं. गुजरात में वर्ष 2002 में जब सांप्रदायिक दंगे हुए थे, उस समय झड़पिया मोदी मंत्रिमंडल में शामिल थे. दंगे में क़रीब एक हज़ार लोग मारे गए थे जिनमें ज़्यादातर मुसलमान थे. |
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