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भाजपा का मोदी को हटाने से इनकार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी आलाकमान ने गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन से इनकार कर दिया है. गुजरात के अंसुष्ट नेताओं ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी से मुलाक़ात की थी. उल्लेखनीय है कि विधायकों का एक दल मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की 'कार्यशैली' से नाराज़ हैं और गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेताओं केशुभाई पटेल, सुरेश मेहता और काशीराम राणा मुख्यमंत्री मोदी को हटाए जाने की माँग कर रहे हैं. वैंकया नायडू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पार्टी के आंतरिक मामलों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं होनी चाहिए. उनका कहना था कि यह पार्टी की परंपरा और संस्कृति के ख़िलाफ़ है. वैंकया का कहना था कि पार्टी नेतृत्व ने शिकायतों और समस्याओं को सुना और उन्हें हल करने की कोशिश की जाएगी. इस बैठक में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के अलावा पूर्व अध्यक्ष वैंकया नायडू और पार्टी महासचिव संजय जोशी मौजूद थे. अभियान असंतुष्ट काफ़ी समय से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ अभियान चलाए हुए हैं. इस मुहिम की गंभीरता को देखते हुए पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी को भी हस्तक्षेप करना पड़ा है. ऐसी ख़बरें हैं कि असंतुष्ट विधायकों की संख्या 50 तक पहुँच गई है. हाल में गुजरात सरकार के ऊपर भाजपा के कुछ विधायकों ने फ़ोन टेप करने का आरोप लगाया था. गौरतलब है कि कुछ अर्से पहले मनाली में छुट्टियों के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात और नरेंद्र मोदी के बारे में कड़ी टिप्पणियाँ की थीं. उन्होंने हार के लिए गुजरात के दंगों को एक प्रमुख कारण बताया था. वाजपेयी के बयान के बाद भाजपा और संघ परिवार की संस्थाओं में ख़ासी सनसनी रही. |
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