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'मदरसों पर भारतीय नीति बिल्कुल स्पष्ट' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार का कहना है कि वह ये तो चाहती है कि मदरसों को आधुनिक बनाया जाए लेकिन वह उनके धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने बीबीसी संवाददाता सलाहउद्दीन से बात करते हुए कहा कि सरकार की नीति इस संबंध में बिल्कुल स्पष्ट है. उन्होंने कहा,"मदरसों का आधुनिकीकरण बिल्कुल होना चाहिए लेकिन हम उनके धार्मिक मामलों में नहीं जाना चाहते". केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मदरसों के आधुनिकीकरण का काम शुरू भी हो चुका है और इस संबंध में सरकार भी सहयोग कर रही है. आरोप ग़लत अर्जुन सिंह ने ऐसे आरोपों को ग़लत बताया कि मदरसों का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों के लिए हो रहा है. उन्होंने कहा,"इस तरह की शिकायतें कतई जायज़ नहीं हैं और सार्वजनिक रूप से ऐसा नहीं कहना चाहिए जब तक कि ठोस प्रमाण नहीं हो". केंद्रीय मंत्री ने साथ ही ये भी कहा कि देश में शिक्षा के प्रसार में मदरसों की भूमिका को नहीं नकारा जा सकता. उन्होंने कहा,"मदरसे निश्चित रूप से शिक्षा के प्रसार में योगदान कर रहे हैं क्योंकि वे ऐसी जगहों पर पहुँच रहे हैं जहाँ सरकार भी नहीं पहुँच पाई है". अर्जुन सिंह ने कहा कि इसी कारण से सरकार ने ये फ़ैसला किया है कि मदरसों का इस्तेमाल देश के हित और आधुनिक शिक्षा के प्रसार के लिए किया जाए." |
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