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'नेपाल हमले में 40 सैनिक मारे गए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के अधिकारियों का कहना है कि सेना और माओवादियों की बीच संघर्ष में 40 सैनिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं. इस संघर्ष में 66 लोग मारे गए हैं. साथ ही माओवादी विद्रोहियों के हमले के बाद 70 से अधिक सैनिकों की तलाश का अभियान छेड़ा गया है. ये सैनिक हमले के बाद से लापता हैं. विद्रोहियों का दावा है कि कालीकोत ज़िले में एक सैनिक शिविर पर हमला कर उन्होंने 159 से अधिक सैनिको को मार दिया है. हालांकि सेना इस दावे से साफ़ इनकार करती है. सेना केवल यह स्वीकार करती है कि राजमार्ग पर कार्य कर रहे मज़दूरों की सुरक्षा के लिए तैनात लगभग 70 सैनिकों से संपर्क टूट गया है. महाराज ज्ञानेंद्र के फ़रवरी में सत्ता संभालने के बाद से माओवादियों के हमलों की संख्या बढ़ गई है. सेना का इनकार नेपाल की राजधानी काठमांडू से 600 किलोमीटर दूर स्थित सेना के एक शिविर पर रविवार को विद्रोहियों ने हमला किया था. सेना का यह शिविर सड़क निर्माण की देख-रेख के लिए स्थापित किया गया था. विद्रोहियों के अनुसार दोनों पक्षों में 11 घंटे तक संघर्ष चला. माओवादियों का दावा है कि उन्होंने 159 सैनिकों को मार दिया, 50 को बंधक बना लिया और संघर्ष में अपने 26 साथियों को भी गंवा दिया. सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल दीपक गुरुंग का कहना है,'' हम चरमपंथियों के 159 सैनिकों को मारने के दावे से इनकार करते हैं.'' उनका कहना था कि इस अस्थाई आधार शिविर में 227 लोग तैनात थे और इसमें से 111 वापस आ गए हैं. सेना को आशंका है कि संभव है कि माओवादियों ने कुछ लोगों का अपहरण कर लिया हो. अधिकारियों का कहना है कि लापता सैनिको की तलाश में सुरक्षाबलों को लगाया गया है और पहाड़ी स्थल में कई जगह नाके लगाए गए हैं ताकि विद्रोही भाग न पाएं. |
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