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भारतीय विदेश मंत्री बांग्लादेश यात्रा पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह अपनी दो दिवसीय बांग्लादेश यात्रा के तहत शनिवार को ढाका पहुँचे. ढाका पहुँचने पर उनका स्वागत बांग्लादेश के विदेश सचिव हिमायतुद्दीन ने किया. इस यात्रा के दौरान भारतीय विदेश मंत्री द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे. नटवर सिंह की इस यात्रा को आपसी संबंधों को सुधारने की दिशा में अहम माना जा रहा है. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद पहले किसी भारतीय मंत्री की यह बांग्लादेश यात्रा है. ढाका में वे बांग्लादेश की प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया, विपक्ष की नेता शेख हसीना, वित्त मंत्री सैफुर रहमान और विदेश मंत्री मुर्शीद ख़ान के साथ बातचीत करेंगे. ढाका पहुँचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में नटवर सिंह ने कहा, '' हम अपने मौजूदा संबंधों की समीक्षा करेंगे और इस बात की संभावना तलाश करेंगे कि हम इसे और कैसे बेहतर बना सकते हैं.'' नटवर सिंह बांग्लादेश में नवंबर में आयोजित सार्क सम्मेलन के एजेंडे पर भी बातचीत करेंगे. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भी इसमें हिस्सा लेने का कार्यक्रम है और उस संबंध में भी चर्चा होगी. बातचीत के मुद्दे बीबीसी संवाददाता के अनुसार इस दौरान आपसी व्यापार, जल संसाधनों के बंटवारे और सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है. इसके पहले भारत के विदेश राज्यमंत्री ई अहमद ने घोषणा की थी कि भारत बांग्लादेशियों को ज़्यादा से ज़्यादा वीज़ा देगा ताकि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ सके. उन्होंने यह बात बांग्लादेश के विदेश सचिव मोहम्मद हिमायतुद्दीन के साथ मुलाक़ात के दौरान कही थी जो भारत और बांग्लादेश के विदेश सचिवों के बीच हुई बातचीत के सिलसिले में भारत आए थे. भारत की एक बड़ी चिंता बांग्लादेश से सटे पूर्वोत्तर राज्यों में चरमपंथी गतिविधियों को लेकर है. भारत आरोप लगाता रहा है कि बांग्लादेश पूर्वोत्तर के चरमपंथियों को शरण दे रहा है. हालाँकि बांग्लादेश इससे इनकार करता रहा है कि उसकी ज़मीन का इस्तेमाल पूर्वोत्तर भारत के विद्रोही संगठन कर रहे हैं. |
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