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बीबी जागीर कौर के निलंबन पर रोक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर के निलंबन पर फिलहाल रोक लगा दी है. ग़ौरतलब है कि सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग (एसजीजेसी) ने बीबी जागीर कौर को कुछ दिन पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से पाँच साल के लिए निलंबित कर दिया था. एसजीजेसी के इस फ़ैसले को बीबी जागीर कौर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और अदालत ने इस पर स्थगनादेश दे दिया. हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर तय की है. उल्लेखनीय है कि सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग ने बीबी जागीर कौर पर आरोप लगाया था कि उन्होंने वित्तीय हेराफेरी करके शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को लगभग 2.5 करोड़ रुपए का नुक़सान पहुँचाया. जागीर कौर ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वो अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं देंगी क्योंकि उनका चुनाव प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने किया है. आरोप सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग के अध्यक्ष कश्मीर सिंह पट्टी ने घोषणा की थी कि जागीर कौर को एसजीपीसी के अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया है और उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है. सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग का आरोप है कि जागीर कौर ने अकाली कार्यकर्ताओं के बच्चों को श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज में एनआरआई कोटे से दाख़िला दिलवा दिया जिससे लगभग 2.5 करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ. बीबी जागीर कौर का आरोप था उनके ख़िलाफ़ यह कार्रवाई प्रदेश के कांग्रेसी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के इशारे पर की गई. शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी को 'सिखों की संसद' भी कहा जाता है. सिखों के ज़्यादातर गुरुद्वारों पर इसका ही नियंत्रण है. जागीर कौर पहले भी एसजीपीसी की अध्यक्ष रह चुकीं हैं. माना जाता है कि जागीर कौर को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल का समर्थन हासिल है. |
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