|
भारत बिकाऊ नहीं हैः मनमोहन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इन आरोपों पर कड़ी टिप्पणी की कि उनकी सरकार भारत के हितों को अमरीका के हाथों गिरवी रख रही है. अमरीका की तीन दिनों की यात्रा पर जाते हुए उन्होंने अपने विमान में पत्रकारों से बात करते हुए इन आरोपों को कांग्रेस का अपमान बताया. मनमोहन सिंह ने कहा,"क्या आप कभी कल्पना कर सकते हैं कि कोई प्रधानमंत्री, सुध में या बेसुध, भारत को सस्ते में बेच सकता है? कोई भारत को नहीं बेच सकता, भारत बिकाउ नहीं है". भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अपने जीवन के अंतिम क्षण तक भारत के राष्ट्रीय हितों की रखवाली करेंगे. पिछले दिनों मनमोहन सिंह सरकार को समर्थन दे रहे वामपंथी दलों ने केंद्र सरकार पर आर्थिक नीतियों के साथ समझौते करने का आरोप लगाया था. अमरीका यात्रा मनमोहन सिंह की अमरीका की यात्रा आधिकारिक तौर पर सोमवार से शुरू हो रही है. सोमवार को वाशिंगटन में स्थानीय समय के अनुसार दस बजे दिन में उनकी मुलाक़ात अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से होगी. वे अमरीकी राष्ट्रपति बुश के साथ आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई, आर्थिक और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर बातचीत करेंगे. समाचार एजेंसियों के अनुसार दोनों नेताओं की बातचीत लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगी जिसमें आपसी महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा होगी. इनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी तथा आतंक के विरूद्ध लड़ाई पर नीति जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे. इनके अलावा आर्थिक सहयोग, परमाणु ऊर्जा उत्पादन, अंतरिक्ष के बारे में अनुसंधान में सहयोग, उपग्रहों के प्रक्षेपण, भारत के चंद्र अभियान, हथियार सौदे, साइबर अपराध नियंत्रण तथा अन्य कई और मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है. मनमोहन सिंह अमरीका के उपराष्ट्रपति डिक चेनी, विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस और रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड से भी मुलाक़ात करेंगे. मंगलवार को भारतीय प्रधानमंत्री अमरीकी कांग्रेस के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करेंगे. भारत के कारोबार जगत की 10 आला हस्तियाँ भी भारतीय प्रधानमंत्री के दौरे में साथ हैं. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा कर रहे हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||